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Jammu News: एसएसपी भगत का वीआरएस मंजूर, अखनूर से भाजपा के हो सकते हैं उम्मीदवार
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- भाजपा का जम्मू संभाग के अनुसूचित वोटों को साधने का अहम कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बीच भाजपा में उम्मीदवारों को फाइनल करने के लिए बैठकों का दौर जारी है। जम्मू संभाग में अनुसूचित जाति के वोटों को साधने के लिए भाजपा कई बड़े चेहरों को पार्टी में शामिल करने जा रही है। एसएसपी मोहन लाल भगत इस दौड़ में सबसे प्रबल दावेदार हैं। मोहन लाल भगत ने राजनीति में आने के लिए सेवा के दो साल शेष रहते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन दिया था, जो शुक्रवार को गृह विभाग ने स्वीकार कर लिया। इससे एसएसपी भगत का भाजपा में जाना साफ हो गया है।
मोहन लाल भगत अखनूर विस से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। मोहन लाल भगत की अखनूर की आरक्षित सीट पर सभी जातियों में अच्छी पकड़ है। एसएसपी मोहन लाल भगत अपने कार्यकाल में कई पदों पर कार्यरत रहे। इन्हें भाजपा में लाकर संभाग के अनुसूचित जाति के वोटों को साधना भाजपा का अहम कार्ड माना जा रहा है। भगत अखनूर की गुड़ा जागीर पंचायत के निवासी हैं। वह एक सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता भारतीय सेना में थे। एमएससी वनस्पति (बॉटनी) करने के बाद 1999 बैच के जेकेपीएस अधिकारी बने। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई पदों पर कार्य किया।
दो पुलिस पदक के साथ ये उपब्धियां : वह विभाग में ईमानदार व साहसी छवि के पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। मोहन लाल भगत को राष्ट्रपति द्वारा वीरता के लिए दो बार पुलिस पदक 2002 व 2010 में, पराक्रम पदक 2008 में, 2012 में डीजीपी का प्रशस्ति पदक और भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक 2020 में, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा उप निदेशक, शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी उधमपुर में वर्ष 2021-22 के लिए प्रशिक्षण में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित केंद्रीय गृह मंत्री का पदक प्रदान किया। उन्हें समाज कल्याण गतिविधियों के लिए क्षेत्र में प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला शांति पुरस्कार-2022 से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें सेंट मदर थेरेसा विश्वविद्यालय द्वारा सुशासन और समाज कल्याण में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बीच भाजपा में उम्मीदवारों को फाइनल करने के लिए बैठकों का दौर जारी है। जम्मू संभाग में अनुसूचित जाति के वोटों को साधने के लिए भाजपा कई बड़े चेहरों को पार्टी में शामिल करने जा रही है। एसएसपी मोहन लाल भगत इस दौड़ में सबसे प्रबल दावेदार हैं। मोहन लाल भगत ने राजनीति में आने के लिए सेवा के दो साल शेष रहते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन दिया था, जो शुक्रवार को गृह विभाग ने स्वीकार कर लिया। इससे एसएसपी भगत का भाजपा में जाना साफ हो गया है।
मोहन लाल भगत अखनूर विस से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। मोहन लाल भगत की अखनूर की आरक्षित सीट पर सभी जातियों में अच्छी पकड़ है। एसएसपी मोहन लाल भगत अपने कार्यकाल में कई पदों पर कार्यरत रहे। इन्हें भाजपा में लाकर संभाग के अनुसूचित जाति के वोटों को साधना भाजपा का अहम कार्ड माना जा रहा है। भगत अखनूर की गुड़ा जागीर पंचायत के निवासी हैं। वह एक सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता भारतीय सेना में थे। एमएससी वनस्पति (बॉटनी) करने के बाद 1999 बैच के जेकेपीएस अधिकारी बने। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई पदों पर कार्य किया।
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दो पुलिस पदक के साथ ये उपब्धियां : वह विभाग में ईमानदार व साहसी छवि के पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। मोहन लाल भगत को राष्ट्रपति द्वारा वीरता के लिए दो बार पुलिस पदक 2002 व 2010 में, पराक्रम पदक 2008 में, 2012 में डीजीपी का प्रशस्ति पदक और भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक 2020 में, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा उप निदेशक, शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी उधमपुर में वर्ष 2021-22 के लिए प्रशिक्षण में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित केंद्रीय गृह मंत्री का पदक प्रदान किया। उन्हें समाज कल्याण गतिविधियों के लिए क्षेत्र में प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला शांति पुरस्कार-2022 से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें सेंट मदर थेरेसा विश्वविद्यालय द्वारा सुशासन और समाज कल्याण में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया है।
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