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370 हटने से घाटी में पत्थरबाजी की घटनाएं बंद हुईं-कौल
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श्रीनगर/जम्मू। प्रदेश भाजपा के महासचिव अशोक कौल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 स्थायी नहीं था। इसके हटने के बाद घाटी में पत्थरबाजी बंद हो चुकी है। मुठभेड़ स्थलों पर प्रदर्शन नहीं देखने को मिल रहे और न ही नागरिकों की हत्या हो रही है।
श्रीनगर में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भी कहा था कि 370 अस्थायी है। तत्कालीन कानून मंत्री बीआर आंबेडकर ने भी 370 को शामिल नहीं किया था, जिसका अर्थ है कि यह एक अस्थायी अनुच्छेद था। फिर 35ए कहां से आया। इसे एक राष्ट्रपति अधिसूचना के माध्यम से शामिल किया गया था जो गलत था।
उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय दलों ने चाहे वो नेकां हो या फिर पीडीपी सभी ने सत्ता में रहने के लिए 370 और 35 ए को लेकर सियासत ही की। प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाया गया। 70 वर्षों तक अंधकार में रखा गया। सैयद अली शाह गिलानी पर कहा कि अगर उन्होंने पहले हुर्रियत छोड़ने का फैसला लिया होता तो कश्मीर घाटी में शायद ही इतना खून खराब होता।
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श्रीनगर में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भी कहा था कि 370 अस्थायी है। तत्कालीन कानून मंत्री बीआर आंबेडकर ने भी 370 को शामिल नहीं किया था, जिसका अर्थ है कि यह एक अस्थायी अनुच्छेद था। फिर 35ए कहां से आया। इसे एक राष्ट्रपति अधिसूचना के माध्यम से शामिल किया गया था जो गलत था।
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उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय दलों ने चाहे वो नेकां हो या फिर पीडीपी सभी ने सत्ता में रहने के लिए 370 और 35 ए को लेकर सियासत ही की। प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाया गया। 70 वर्षों तक अंधकार में रखा गया। सैयद अली शाह गिलानी पर कहा कि अगर उन्होंने पहले हुर्रियत छोड़ने का फैसला लिया होता तो कश्मीर घाटी में शायद ही इतना खून खराब होता।
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