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आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते: राणा
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जम्मू। आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। भाजपा और केंद्र सरकार इसे स्पष्ट कर चुकी है। यह निशाना भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने मुख्यालय में जन शिकायतें सुनने के दौरान पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की मांग करने वाले दलों व नेताओं पर साधा है।
राणा ने कहा पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में अब आखिरी सांसे गिन रहा है। केंद्र की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कश्मीर में आतंकवादी की औसतन आयु सात दिन से ज्यादा नहीं रह गई है। कुछ लोग आतंकवादियों द्वारा की गई बर्बरता को कम करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन पाकिस्तानियों द्वारा किए जा रहे आतंकवाद का बदसूरत चेहरा नहीं बदलता है। उन्होंने श्रीनगर के लाल बाजार में एएसआई मुश्ताक अहमद की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि विशेषाधिकार प्राप्त लोगों द्वारा इस तरह के नृशंस कृत्यों की निंदा शांति के दुश्मनों के लिए कवर फ ायर के रूप में काम करती है। उन्होंने दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आतंकवादियों और शांति भंग करने वालों को नैतिक समर्थन प्रदान करने वालों को भी आगाह करते हुए कहा कि लोग परिपक्व और समझदार हैं । कश्मीर के लोग अब पहले से कहीं ज्यादा शांति के लाभांश को महसूस कर रहे हैं क्योंकि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के आगमन के मद्देनजर घाटी में आर्थिक गतिविधियों से फ लफू ल रही है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ त्रासदी के दौरान स्थानीय मुस्लिमों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर मदद की। यह असली कश्मीर है न कि उन लोगों में से जो विदेशी बंदूक से इसके लोकाचार को रौंदने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए कवर फ ायर प्रदान कर रहे हैं।
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राणा ने कहा पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में अब आखिरी सांसे गिन रहा है। केंद्र की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कश्मीर में आतंकवादी की औसतन आयु सात दिन से ज्यादा नहीं रह गई है। कुछ लोग आतंकवादियों द्वारा की गई बर्बरता को कम करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन पाकिस्तानियों द्वारा किए जा रहे आतंकवाद का बदसूरत चेहरा नहीं बदलता है। उन्होंने श्रीनगर के लाल बाजार में एएसआई मुश्ताक अहमद की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि विशेषाधिकार प्राप्त लोगों द्वारा इस तरह के नृशंस कृत्यों की निंदा शांति के दुश्मनों के लिए कवर फ ायर के रूप में काम करती है। उन्होंने दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की।
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उन्होंने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आतंकवादियों और शांति भंग करने वालों को नैतिक समर्थन प्रदान करने वालों को भी आगाह करते हुए कहा कि लोग परिपक्व और समझदार हैं । कश्मीर के लोग अब पहले से कहीं ज्यादा शांति के लाभांश को महसूस कर रहे हैं क्योंकि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के आगमन के मद्देनजर घाटी में आर्थिक गतिविधियों से फ लफू ल रही है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ त्रासदी के दौरान स्थानीय मुस्लिमों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर मदद की। यह असली कश्मीर है न कि उन लोगों में से जो विदेशी बंदूक से इसके लोकाचार को रौंदने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए कवर फ ायर प्रदान कर रहे हैं।
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