कश्मीर गोलीकांड में पुलिस ने मानी गलती, पढ़ें खबर
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कश्मीर के बडगाम जिले के नारबल इलाके में शनिवार की सुबह सुरक्षाबलों की फायरिंग के दौरान किशोर की हुई मौत को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि इस घटना को टाला जा सकता था अगर वहां तैनात जवानों द्वारा एसओपी (स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) का उल्लंघन नहीं किया गया होता।
आईजीपी कश्मीर एसजेएम गिलानी ने बताया कि घटना को लेकर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है, लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि वहां जिसकी भी तैनाती थी, उसके द्वारा एसओपी का उल्लंघना किया गया है। गिलानी ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथों में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि गोली सीआरपीएफ द्वारा चलाई गई, इस पर आईजी एसजेएम गिलानी द्वारा कहा गया कि सिर्फ सीआरपीएफ को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि जो भी जवान वहां तैनात थे, सब इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।
'बच नहीं पाएंगे आरोपी'
आईजी ने कहा, मौके पर मौजूद जवानों के के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीआरपीएफ के प्रवक्ता आशीष कुमार झा से जब घटना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पहले ही मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी, चाहे वह कोई भी हो।
वहीं घटना को लेकर पुलिस द्वारा जारी बयान में परिवार के साथ सहानुभूति पेश करते हुए कहा गया है कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि एसओपी का उल्लंघन कर घटना को अंजाम दिया गया है। इसको ध्यान में रखते हुए आरपीसी की धारा 302,147,149,341 और 427 के अंतर्गत पुलिस स्टेशन मागाम में एफआईआर नंबर 34/2015 दर्ज की गई है। जांच शुरू कर दी गई है।
युवक की मौत का जवाब दें मुफ्ती: उमर
पीडीपी की अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को नरबल में सुरक्षा बलों की गोली से युवा सुहेल अहमद सोफी की मौत को हत्या बताते हुए इसकी निंदा की है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी युवक की मौत को हत्या बताते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से जवाब मांगा है।
महबूबा ने कहा है कि प्रदर्शन को डील करते हुए एसओपी पर अमल न होना चिंता का विषय है। मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है और न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। जांच में सब साफ हो जाएगा और जो भी सुरक्षा बल कर्मी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि 15 साल के युवक की सुरक्षा बलों की ओर से हत्या की गई। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना प्रकट की और इस पर मुख्यमंत्री से जवाब भी मांगा।