फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   police not following guidelines by central government

J&K: सड़क हादसे में नहीं भरे जा रहे 17 फार्म, केंद्र ने दिए थे निर्देश

Sat, 04 Mar 2017 05:23 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 04 Mar 2017 05:23 PM IST
विज्ञापन
police not following guidelines by central government
Accident

सरकार की ओर से नए नियम तो लाए जाते हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन में वक्त काफी लग जाता है। ऐसा ही एक फैसला परिवहन मंत्रालय की ओर से लिया गया था। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पुलिस की ओर से नए 17 फार्मों वाले प्रारूप पर हादसे की प्रकृति दर्ज करने के आदेश दिए गए थे।

विज्ञापन


इसके बारे में कई पुलिस कर्मियों को जानकारी नहीं है। इस वजह से इस फैसले को सही तौर पर अमल में नहीं लाया जा सका है। या यूं कहें कि यह फैसला भी सरकारी फाइल में धूल फांकने को मजबूर है। 
विज्ञापन


परिवहन मंत्रालय की ओर से नए आदेश में हादसे के वक्त मौजूदा पुलिस कर्मी की ओर से नए प्रारूप में हादसे के बारे में सारी जानकारी लिखित तौर दर्ज करनी होती है, लेकिन जब जानकारी ही नहीं है, तो अमल में लाना दूर की बात है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

‘ऐसे आदेश आते जाते रहते हैं

police not following guidelines by central government
सड़क हादसों के संबंध में आया था आदेश - फोटो : डेमो फोटो

ऐसा ही वाकया शुक्रवार को सामने आया, जब परेड ग्राउंड के पास बाइक हादसे का शिकार हो गई। हादसे के बाद पुलिस वालों ने गाड़ी का नंबर कागज पर नोट कर एक नाबालिग जो कि मोटरसाइकिल चला रहा था, उसे जाने दिया।

जब पुलिस वालों से सवाल किया गया कि क्या उन्हें इस नए नियम के बारे में पता है तो जवाब था कि ‘ऐसे आदेश आते जाते रहते हैं’ परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि सड़क दुर्घटना के वक्त केंद्र की ओर से सुझाए 17 फार्मों वाले नए प्रारूप का प्रयोग करें। 

क्या था परिवहन मंत्रालय का आदेश?

police not following guidelines by central government
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : फाइल फोटो

नए प्रारूप में दुर्घटना के शहरी या ग्रामीण, आवासीय या अन्य, बाजार या अन्य जगह, हाईवे या स्टेट वे अन्य जगहों को दर्ज करना होगा। दुर्घटना के वक्त मौसम, मौत या घायल, निजी या वाणिज्य वाहन, जीप, ट्रक, ट्राली, आटो रिक्शा, दोपहिया, तीन पहिया, चौपहिया, कार, ट्रक, टेंपो आदि जैसे विवरण को भरना था।

साथ ही सड़क की बनावट कैसी थी, इसके बारे में भी जानकारी देनी थी। एक फार्म पर ड्राइवर के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। दूसरे फार्म में कितने लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। एक अन्य फार्म में वाहन की स्थिति यानी कितने वर्ष पुराना है, को भरना है।

एक अन्य फार्म में दुर्घटना की प्रकृति यानी हिट एंड रन, जानवर से टक्कर, चलती गाड़ी या खड़ी गाड़ी से टक्कर जैसी जानकारी देनी होगी। ऐसे ही कुल 17 फार्मों का दस्तावेज तैयार करके दुर्घटना के बारे में विस्तृत जानकारी पुलिस वालों को रखनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed