विवादित मुठभेड़ पर बोली पुलिस, आतंकी ने सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर किया था हमला
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दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस से हथियार छिनकर भाग रहे पूर्व आतंकी सज्जाद मलिक उर्फ बिट्टा ग्रेनेड के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उठे विवाद पर जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा मुठभेड़ पर सफाई दी गई है। पुलिस द्वारा जारी बयान में आतंकी से मुठभेड़ की जानकारी दी गई है।
जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 1 दिसंबर 2016 को शाम करीब 5.20 बजे सज्जाद मलिक नाम का शख्स दोरू पुलिस स्टेशन से एक एके-47 राइफल और मैगजीन लेकर भागा था। इसके बाद उसने बाजार के पास कुछ राउंड फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठाकर जमालगाम की ओर भागा।
इस दौरान चेरीकारी के पास उसने सेना की पेट्रोलिंग पर फायरिंग की जिसके बाद सुरक्षाबलों द्वारा जवाबी फायरिंग की गई, इस जवाबी कार्रवाई में सज्जाद मलिक मारा गया। पुलिस ने बयान में कहा कि मारा गया शख्स एक छोड़ा गया आतंकी और हिस्ट्रीशीटर था जिसे कई पुलिस थानों द्वारा आतंकी गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका था ।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया अपना ईमानदार कार्यकर्ता
गौरतलब है कि वीरवार को पुलिस से हथियार छिनकर भाग रहे एक पूर्व आतंकी सज्जाद मलिक उर्फ बिट्टा ग्रेनेड को अनंतनाग जिले के डोरू में मार गिराया गया था । उसके पास से छिना गया हथियार भी बरामद हुआ था। मारा गया पूर्व आतंकी सरपंच भी रह चुका था और वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर का करीबी था।
पूर्व आतंकी के मुठभेड़ में मारे जाने पर विवाद खड़ा हुआ था। मुठभेड़ के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने इसे कस्टोडियल किलिंग बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की थी । मीर का कहना है कि सज्जाद एक ईमानदार कांग्रेस कार्यकर्ता था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ महीने पहले उस पर पत्थरबाजी और हिंसा भड़काने के मामले थोप कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट से उसे जमानत भी मिल गई, लेकिन, उसे रिहा नहीं किया गया। अब सोची समझी साजिश के तहत उसे मार गिराया गया।