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जम्मू कशमीर किसान काग्रेस चेयरमैन की अध्यक्षता में वैठक
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आरएस पुरा। जम्मू-कश्मीर किसान कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मंत्री चौ. गारू राम की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई। इसमें किसानों को गेहूं की तय की गई कीमत से कम भाव में खरीदारी करने पर सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की गई।
चौ. गारू राम ने कहा कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल था। कृषि विभाग 1600 रुपये के हिसाब से खरीदारी कर रहा। किसानों को जब पैसे की जरूरत है तो वह सरकारी खरीद का इंतजार करते और जब उन्हें कम कीमत मिलती है तो वह व्यापारियों को अधिक कीमत मिलने पर अनाज बेच देते हैं। कृषि उत्पाद हो या अन्य वस्तुएं, बाजार में उनका भाव किसानों का काफी कम मिलता है। यही हाल इस समय कोरोना के चलते सब्जियों का है। मंडी में काफी कम कीमत होने पर किसानों द्वारा किया खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों की कमर टूट गई है। चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल तय किया होने पर खरीदारी की जाए नहीं तो आने वाले दिनों में किसानों को आंदोलन करना पडे़गा, जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार होंगी।
बैठक में धर्मपाल, रोशन लाल, देवराज, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे।
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चौ. गारू राम ने कहा कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल था। कृषि विभाग 1600 रुपये के हिसाब से खरीदारी कर रहा। किसानों को जब पैसे की जरूरत है तो वह सरकारी खरीद का इंतजार करते और जब उन्हें कम कीमत मिलती है तो वह व्यापारियों को अधिक कीमत मिलने पर अनाज बेच देते हैं। कृषि उत्पाद हो या अन्य वस्तुएं, बाजार में उनका भाव किसानों का काफी कम मिलता है। यही हाल इस समय कोरोना के चलते सब्जियों का है। मंडी में काफी कम कीमत होने पर किसानों द्वारा किया खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानों की कमर टूट गई है। चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल तय किया होने पर खरीदारी की जाए नहीं तो आने वाले दिनों में किसानों को आंदोलन करना पडे़गा, जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार होंगी।
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बैठक में धर्मपाल, रोशन लाल, देवराज, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे।