{"_id":"67e1d3d42bb5556c3b0ea8e4","slug":"poetry-changed-with-time-nirmal-vinod-jammu-news-c-10-lko1027-573788-2025-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय के साथ कविता में आया बदलाव: निर्मल विनोद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय के साथ कविता में आया बदलाव: निर्मल विनोद
विज्ञापन
हिंदी साहित्य मंडल की तरफ से आयोजिहत साहित्यिक बैठक में मौजूद साहित्यकार व कवि। स्त्रोत संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हिंदी साहित्य मंडल जम्मू की तरफ से संस्था के कार्यवाहक सचिव मंटोदत्त शर्मा के निवास पर बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता डाॅ. निर्मल विनोद ने की। मुख्य अतिथि कथाकार व आलोचक प्रो. राजकुमार रहे।
डाॅ. निर्मल विनोद ने कहा कि समय के साथ कविता में बड़ा बदलाव आया है। प्रो. राज कुमार ने कहा कि कवि शब्द-शैली, रूपक और कल्पना के विभिन्न घटकों को एकीकृत करके अपने आंतरिक विचारों का सार प्रस्तुत करते हैं। संस्था की अध्यक्ष डॉ. चंचल डोगरा ने कहा कि आगामी के आयोजन की रणनीति बनाई है। इस मौके पर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि भी दी गई। काव्य पाठ का सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने समकालीन विश्व के साथ-साथ प्रकृति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। संजीव भसीन, उमा शर्मा, एमएस कामरा, जंग एस वर्मन, श्याम बिहारी जडेजा, विजय सराफ मीनाघे ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
विज्ञापन
जम्मू। हिंदी साहित्य मंडल जम्मू की तरफ से संस्था के कार्यवाहक सचिव मंटोदत्त शर्मा के निवास पर बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता डाॅ. निर्मल विनोद ने की। मुख्य अतिथि कथाकार व आलोचक प्रो. राजकुमार रहे।
डाॅ. निर्मल विनोद ने कहा कि समय के साथ कविता में बड़ा बदलाव आया है। प्रो. राज कुमार ने कहा कि कवि शब्द-शैली, रूपक और कल्पना के विभिन्न घटकों को एकीकृत करके अपने आंतरिक विचारों का सार प्रस्तुत करते हैं। संस्था की अध्यक्ष डॉ. चंचल डोगरा ने कहा कि आगामी के आयोजन की रणनीति बनाई है। इस मौके पर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि भी दी गई। काव्य पाठ का सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने समकालीन विश्व के साथ-साथ प्रकृति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। संजीव भसीन, उमा शर्मा, एमएस कामरा, जंग एस वर्मन, श्याम बिहारी जडेजा, विजय सराफ मीनाघे ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
विज्ञापन