फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   plants and trees will be planted in forest

जंगलों में लगाए जाएंगे फलदार पेड़-पौधे

Thu, 05 Nov 2015 06:36 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू Updated Thu, 05 Nov 2015 06:36 PM IST
विज्ञापन
plants and trees will be planted in forest

जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में घुसने की घटनाओं पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। रियासत में पहली बार वनों में फलदार पेड़-पौधे लगाने का अभियान शुरू किया गया है।

विज्ञापन


यही नहीं, भविष्य में वनों में जितना भी पौधारोपण किया जाएगा, उसमें 30 फीसदी फलदार पौधे होंगे। जंगलों को छोड़कर भोजन की तलाश में रिहायशी में पहुंच रहे वन्यजीवों को भोजन मुहैया कराने के लिए यह पहल शुरू की गई है।
विज्ञापन


विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। दरअसल, विभाग ने हाल ही में एक अध्ययन किया है, जिसमें यह बात सामने आई है कि जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के भोजन का साधन कम हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें जंगली फल मुख्य रूप से शामिल हैं। बंदर, रीछ, तेंदुए आदि खाने की तलाश में जंगलों से बाहर आने को मजबूर हो रहे हैं।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अश्विनी गुप्ता का कहना है कि वन विभाग जंगलों में फलदार पेड़-पौधे लगाएगा। इसमें बेर, अमरूद, आंवला, घरना और नाशपाती मुख्य रूप से शामिल हैं।

जब जंगलों में फलदार पौधे होंगे, तो जानवरों को बाहर नहीं आना पड़ेगा। इस अभियान को शुरू कर दिया गया है। कुछ दिन पहले शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक एक लाख फलदार पेड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।


अध्ययन में पता चला है कि वनों में भोजन का कम होना, जंगली जानवरों को बड़े हद तक प्रभावित कर रहा है। इसके चलते रहने-सहने का सिस्टम बदल रहा है।

बंदरों पर किए जा रहे शोध में यह बात सामने आई है कि उनका जीवन तेजी से प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से चलने वाली इनकी डाइट में फर्क आ गया है।

पहले जड़ी बूटी और फल खाने वाले बंदर अब मानवों द्वारा खाए जाने वाली चीजें खा रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से ब्रेड शामिल हैं।

वनों से फलदार पौधों की तेजी से कटाई तो की गई, लेकिन इसकी भरपाई के लिए पौधारोपण नहीं किया गया। विभाग के एक अनुमान के मुताबिक पिछले दो दशकों में 10 लाख से अधिक फलदार पेड़ पौधे काट दिउ गए या फिर कुदरती आपदाओं के चलते नष्ट हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed