{"_id":"6b72efd5fcac74e4596c648c56c4259f","slug":"pil-about-increasing-pension-sanctioned-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेंशन वृद्धि मामले में जनहित याचिका मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेंशन वृद्धि मामले में जनहित याचिका मंजूर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 29 Sep 2014 10:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्षम कल्याण संघ के चेयरमैन द्वारा जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को पेंशन में
विज्ञापन
वृद्धि को लेकर लिखे पत्र को जनहित याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट की
खंडपीठ ने सरकार और हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह
के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
संघ के चेयरमैन सुशील कुमार शर्मा ने पत्र में लिखा कि रियासत के विकलांगों को मिलने वाली पेंशन राशि अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। उत्तराखंड में बुजुर्गों, विकलांगों और विधवाओं को आठ सौ रुपये पेंशन दी जाती है, जबकि हरियाणा में यह राशि एक हजार रुपये है।
इस संबंध में पिछली दूसरे विधानसभा सत्र के दौरान इस राशि को छह माह के अंदर बढ़ाने का फैसला लिया गया था, जबकि इस संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई, जबकि महंगाई आसमान छू रही है। पत्र में कहा गया कि इसी कारण कई जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने नोटिस जारी कर एजी को स्पष्टीकरण देने को कहा है।
जेएनएफ
संघ के चेयरमैन सुशील कुमार शर्मा ने पत्र में लिखा कि रियासत के विकलांगों को मिलने वाली पेंशन राशि अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। उत्तराखंड में बुजुर्गों, विकलांगों और विधवाओं को आठ सौ रुपये पेंशन दी जाती है, जबकि हरियाणा में यह राशि एक हजार रुपये है।
इस संबंध में पिछली दूसरे विधानसभा सत्र के दौरान इस राशि को छह माह के अंदर बढ़ाने का फैसला लिया गया था, जबकि इस संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई, जबकि महंगाई आसमान छू रही है। पत्र में कहा गया कि इसी कारण कई जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने नोटिस जारी कर एजी को स्पष्टीकरण देने को कहा है।
जेएनएफ