राहत लेकर पत्थर क्यों बरसा रहे लोग?
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एनडीआरएफ को पता नहीं था कि बारह दिन पहले जिन लोगों को बचाने के काम में वे लोग जुटे थे बाद में उन्हीं का विरोध भी झेलना पड़ेगा। राहत कर्मियों पर पत्थरबाजी और विरोध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
श्रीनगर के कई क्षेत्रों में एनडीआरएफ को भारत विरोधी नारेबाजी, पथराव और मारपीट का सामना करना पड़ा। एनडीआरएफ के पांच सदस्य इस दौरान घायल हो गए, जबकि उनकी कुछ नावों को भी लोगों ने छीन लिया।
एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, एक नाव अभी भी लापता है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा जीवन रक्षक जैकेट भी छीन लिए गए। गौरतलब है कि असामाजिक तत्व और अलगाववादी लगातार प्रभावित इलाकों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
अलगाववादी नेता को गिरफ्तार करने की मांग
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने रिलीफ वोट छीनने के अपराध में अलगाववादी नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार करने की मांग की है। सुनील डिंपल ने कहा कि मलिक खुलेआम पाकिस्तान से कश्मीर और कश्मीरी लोगों की मदद की मांग कर रहे हैं।
जबकि केंद्र और राज्य सरकार ने पीड़ितों के लिए अपने खजाने खोल दिए हैं। डिंपल ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मांग की है कि राज्य में कानून व्यवस्था को कायम रखते हुए मलिक को गिरफ्तार किया जाए।