जम्मू में बेरौनक रह सकती है दशहरा-दिवाली, जानिए क्यों?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में आई बाढ़ के बाद जहां हर तरफ जिंदगी हाल बेहाल है, वहीं हर तरफ से पीड़ितों के समर्थन में भी लोग खड़े होने लगे हैं। इसी कड़ी में जम्मू वासियों ने बाढ़ प्रभावितों के प्रति हमदर्दी और संवदेना जताते हुए आगामी त्यौहार नहीं मनाने का निर्णय लिया है।
इसके चलते कुछ ही दिनों में बाद शुरू होने वाले नवरात्रों के दौरान इस बार जम्मू में पुरानी रौनक कम ही देखने को मिलेगी। घाटी में आई बाढ़ ने सैकडों लोगों की जान ले ली तो लाखों को दरबदर कर दिया है।
ऐसे में अपने इन्हीं भाइयों के प्रति हमदर्दी जताते हुए जम्मू संभाग के सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने आगामी त्यौहारों को अत्यंत सादगी के साथ मनाने का निर्णय लिया है।
लोगों से घरों में ही त्यौहार मनाने की अपील
त्यौहारों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठनों ने एक बैठक कर इस बात की घोषणा की। त्यौहारों के दौरान किसी तरह की मौज मस्ती और शोर शराबा इस बार नहीं सुनाई देगा।
इसकी शुरूआत होगी आगामी नवरात्रों से। हिंदुओं के इस त्यौहार को हर जगह पूरे धूमधाम से मनाया जाता है और शहर में कई जगह गरबा का भी आयोजन होता है। लेकिन इस बार नवरात्रों के दौरान ऐसा कुछ नहीं होगा।
न ही इसके बाद दशहरे पर वो पहले भी वाली धूमधाम दिखाई देगी। माना जा रहा है हिंदुओं के सबसे बड़े त्यौहार पर भी इस बार पुरानी रौनक शायद ही देखने को मिले। क्योंकि सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने आगामी त्यौहारों पर किसी तरह के आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है। ऐसे में लोग अपने घरों में ही इन त्यौहारों को सादगी से मना सकते हैं।