पीडीपी ने भाजपा के सामने रखीं ये छह शर्तें
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पीडीपी ने गठबंधन के लिए भाजपा के समक्ष छह शर्तें रखीं हैं। भाजपा महासचिव राम माधव से मुलाकात के दौरान पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने इन शर्तों का खुलासा किया।
बेग ने कहा कि पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद गठबंधन से पहले कुछ बातों पर स्थिति साफ कर आगे बढ़ना चाहते हैं। हालांकि, भाजपा और पीडीपी ने इन शर्तों की पुष्टि नहीं की है।
भाजपा महासचिव राम माधव का कहना है कि बातचीत अभी प्रारंभिक स्थिति में है। मुख्यमंत्री या अन्य किसी आधार के बारे में बातचीत नहीं हुई है। सिर्फ स्थिर और विश्वसनीय सरकार पर बातचीत हुई है।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि भाजपा महासचिव से अनौपचारिक बातचीत हुई है जिसमें कोई शर्त नहीं रखी गई।
यह हैं पीडीपी की छह शर्तें
1) छह साल के पूरे कार्यकाल के लिए पीडीपी का मुख्यमंत्री। तीन-तीन साल का अवधि बंटवारा नहीं।
2) बाढ़ पीड़ितों के लिए 9800 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय मदद
3) अनुच्छेद 370 पर यथा स्थिति
4) अफस्पा की तुरंत वापसी
5) जम्मू-कश्मीर के मंत्रियों के कामकाज में केंद्रीय दखल नहीं
6) केंद्रीय मंत्रिमंडल में पीडीपी के दो मंत्री। (संभावित नाम महबूबा मुफ्ती और मुजफ्फर हुसैन बेग)
भाजपा-पीडीपी को एक सप्ताह का समय
राज्यपाल एन एन वोहरा ने भाजपा और पीडीपी को प्लान बताने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। राज्यपाल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वह नई सरकार के गठन के बारे में बातचीत करना चाहते हैं।
मुलाकात की तारीख एक जनवरी तय की गई है। इससे साफ हो गया है कि नई सरकार का गठन नए साल में ही होगा। विधानसभा का कार्यकाल 19 जनवरी 2015 को पूरा हो रहा है। उससे पहले सरकार का गठन संवैधानिक रूप से जरूरी है।
विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने की अवधि तक सरकार बनने का फार्मूला तय नहीं होने पर राष्ट्रपति शासन की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसी कारण राज्यपाल ने प्रक्रिया शुरू करते हुए सबसे बड़े दल पीडीपी और दूसरे नम्बर के दल भाजपा को विचार विमर्श के लिए बुलाया।
केंद्रीय नेतृत्व से विचार कर वोहरा को देंगे पत्र
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा ने कहा है कि उन्हें राज्यपाल का पत्र मिल गया है। राज्यपाल ने एक जनवरी को बुलाया है। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत कर सरकार बनाने का प्रारूप नियत तिथि को राज्यपाल को सौंपा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को सबसे अधिक वोट मिले हैं। पार्टी का वोट प्रतिशत अधिक है और निर्दलियों को लेकर 31 विधायक हैं। इसलिए सरकार बनाने का हक भाजपा को है। राष्ट्रीय नेतृत्व समर्थन के लिए अन्य दलों से बातचीत कर रहा है।
पीडीपी कर रही तैयारी
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी। पीडीपी अध्यक्ष को पत्र मिला है। इस बीच विधायक दल और राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक होगी।
अभी कई विधायक क्षेत्रों में हैं। उन्होंने माना कि भाजपा महासचिव राम माधव से अनौपचारिक बातचीत हुई है। कांग्रेस से समर्थन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पीडीपी के लिए सारे विकल्प खुले हैं।
कांग्रेस चाहती धर्मनिरपेक्ष गठबंधन
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कांग्रेस ने पीडीपी को समर्थन का आफर दिया है। अब पीडीपी को तय करना है कि वह किसके साथ जाना चाहती है।
वैसे इतना तय है कि पीडीपी और नेकां में से जिस दल का भाजपा के साथ गठबंधन होगा उसकी वजूद कश्मीर में समाप्त हो जाएगा।
स्थिर सरकार के लिए प्रयास जारी: राम माधव
भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि स्थिर सरकार के लिए दूसरे दलों से बातचीत चल रही है। पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग और पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन समेत निर्दलीय विधायकों से बात हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कश्मीर का विकास चाहते हैं।
उनका सपना पूरा करने के लिए विश्वसनीय सरकार जरूरी है। गौरतलब है कि भाजपा के पास 25 और पीडीपी के पास 28 विधायक हैं। भाजपा को छह निर्दलीय का समर्थन है। बहुमत के लिए 44 विधायक चाहिए।
उन्होंने मुफ्ती को बड़ा नेता और उमर को अपना पुराना सहयोगी बताया। माधव बोले कि मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर किसी दल से बात नहीं हुई। मोदी और मुफ्ती की मुलाकात अभी तय नहीं हुई है।