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श्रीनगरः महबूबा मुफ्ती से मिलने की पीडीपी नेताओं ने मांगी अनुमति
Tue, 01 Sep 2020 03:07 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 01 Sep 2020 03:07 PM IST
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महबूबा मुफ्ती, फाइल फोटो
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के चार वरिष्ठ नेताओं ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मिलने दिया जाए। पिछले साल राज्य में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने के बाद से महबूबा पीएसए के तहत उप जेल में हैं। श्रीनगर के जिलाधिकारी शाहिद इकबाल चौधरी को लिखे पत्र में पीडीपी नेताओं ने कहा कि देश के लोकतंत्र के तहत महबूबा को आगंतुकों से मिलने का अधिकार है।
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गुलाम नबी लोन, अब्दुल रहमान वीरी, खुर्शीद आलम और एजाज मीर ने अपने पत्र में कहा कि दुर्भाग्य से हमारे कई प्रयासों के बावजूद राज्य प्रशासन ने हमें मिलने की इजाजत नहीं दी है। राजनीतिक बंदी के तौर पर पीडीपी अध्यक्ष के कुछ अधिकार हैं जो छीने नहीं जा सकते। कानूनी सहायता और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा के अलावा हफ्ते में कम से कम दो बार आगंतुकों से मुलाकात शामिल है। संविधान के मुताबिक महबूबा मुफ्ती को भी ये हक पाने का अधिकार है। महबूबा की बेटी इल्तिजा ने अपनी मां के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया था कि अवैध हिरासत के दौरान मुफ्ती को परिवार के करीबी सदस्यों के अलावा किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।
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मातम कर रहे शियाओं पर बल प्रयोग अभूतपूर्व ज्यादती: उमर
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुहर्रम के जुलूस के दौरान मातम कर रहे शियाओं पर बल प्रयोग किए जाने घटना की निंदा की है। कहा कि इस अभूतपूर्व ज्यादती ने एक सभ्य समाज में अपेक्षित सभी नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। उमर ने ट्वीट किया कि मोहर्रम के दौरान मातम करने वालों पर पैलेट गन सहित बल का प्रयोग पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय है। इस अभूतपूर्व ज्यादती से वे सभी नियम धराशायी हो गए हैं जिनकी सभ्य समाज में अपेक्षा की जाती है।
श्रीनगर के कुछ इलाकों में रविवार को कुछ शिया मातमियों पर बल प्रयोग किया गया था जिस पर उमर ने यह प्रतिक्रिया दी है। पुलिस ने मातमियों पर आंसू गैस के गोले और पैलेट गन दागे थे जिसके चलते कई मातमी घायल हो गए थे। वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय प्रधान नसीर असलम वानी ने इस मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।