भाजपा के इनकार के बाद महबूबा जुटी मंथन में, इलेक्शन मोड की ओर इशारा
- पीडीपी अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने 20 और 21 मार्च को राजोरी एवं पुंछ का दौरा स्थगित कर दिया है।
- राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भाजपा ने सोची समझी रणनीति के तहत पीडीपी को कड़ा संदेश दिया है।
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भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पीडीपी की शर्तों को मानने से इनकार के बाद अब पीडीपी मंथन की मुद्रा में है। पार्टी नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटी है। महबूबा का अब पूरा फोकस सदस्यता अभियान के जरिये संगठन की मजबूती पर है।
माना जा रहा है कि पार्टी का यह कदम इलेक्शन मोड की ओर इशारा कर रहा है। पीडीपी अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने 20 और 21 मार्च को राजोरी एवं पुंछ का दौरा स्थगित कर दिया है। कहा जा रहा है कि भाजपा के रुख के बाद इसमें बदलाव किया गया है। जबकि पार्टी की ओर से खराब मौसम को दौरा स्थगित करने का कारण बताया जा रहा है।
दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात और राम माधव की ओर से शर्तों के आधार पर सरकार गठन से मनाही के बाद बीते चार दिन से दिल्ली में डेरा डाले पीडीपी प्रमुख शनिवार को श्रीनगर पहुंची।
भाजपा ने सोची समझी रणनीति के तहत पीडीपी को कड़ा संदेश दिया
माना जा रहा है कि वह जल्द ही सरकार गठन से लेकर भाजपा के कड़े रुख पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर अगली रणनीति तय करेंगी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भाजपा ने सोची समझी रणनीति के तहत पीडीपी को कड़ा संदेश दिया है।
पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए पार्टी कोई चूक नहीं करना चाहती है जिससे कि विपक्ष को हमले का मौका मिल सके। साथ ही भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सत्ता के लिए समझौता नहीं कर सकती।
पीडीपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी सदस्यता अभियान के जरिये जम्मू और कश्मीर दोनों ही संभाग में अपनी जड़ें मजबूत करेगी। आगामी दिनों में निकाय एवं पंचायत चुनाव होने हैं।
इसी बहाने पार्टी आम चुनाव के लिए भी अपनी स्थिति का आकलन करेगी। पार्टी नेताओं के अनुसार महबूबा जम्मू संभाग के पांच जिलों रामबन, डोडा, किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ के दौरे पर जल्द ही आएंगी। दौरे की तिथियों का एलान जल्द किया जाएगा।