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मरीजों के नाश्ते को नहीं हुआ बंदोबस्त

Sat, 06 Jun 2015 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 06 Jun 2015 12:10 AM IST
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patients breakfast from market

पिछले पांच दिन से जीएमसी सहित एसोसिएटेड अस्पतालों में डाइट में नाश्ते की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से मरीजों को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने करीब पौने दो करोड़ रुपये की देनदारी न होने पर नाश्ते की सुविधा देना बंद कर दी है। ऐसे हालात में जीएमसी प्रशासन कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं कर पाया है। इससे रोजाना 1000-1100 मरीजों को नाश्ते के लिए प्रभावित होना पड़ रहा है।

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जीएमसी के अलावा एसएमजीएस, सीडी, साइक्रेटरी और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों को नाश्ते में आधा लीटर दूध, चीनी का पाउच और चार ब्रेड पीस दिए जा रहे थे। लेकिन बाजार में कर्ज का बोझ बढ़ने पर ठेकेदारों ने हाथ पीछे कर दिए हैं। मरीजों की सहूलियत के लिए दावे करने वाली सरकार उनके नाश्ते के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई है।
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जीएमसी में अपने मरीज के साथ आए राजोरी निवासी रोशनदीन ने कहा कि बाजार से नाश्ता लाने पर आर्थिक तौर पर कमजोर मरीजों को प्रभावित होना पड़ रहा है। लेकिन हैरानगी यह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी जीएमसी प्रशासन कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाया है। इसमें जिन अस्पतालों में कैंटीन की सुविधा नहीं है, उन्हें मजबूरन बाजार जाना पड़ रहा है।

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