फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   panel for recommandation of 7th pay commission

जम्मू-कश्मीर में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए पैनल गठित

Sat, 22 Apr 2017 01:23 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी Updated Sat, 22 Apr 2017 01:23 PM IST
विज्ञापन
panel for recommandation of 7th pay commission
जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल

बजट में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए की गई घोषणा को धरातल पर लाने के लिए राज्य सरकार ने एक और कदम उठाया गया। इसके लिए रूपरेखा तैयार करने को सरकार ने एक उच्च स्तरीय पैनल गठित किया है।

विज्ञापन


योजना विकास एवं निगरानी विभाग के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति में प्रशासनिक सचिव गृह विभाग, प्रशासनिक सचिव लोक निर्माण (आरएंडबी) विभाग, प्रशासनिक सचिव वित्त विभाग, प्रशासनिक सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और प्रशासनिक सचिव कानून, न्याय व संसदीय मामले सदस्य होंगे।
विज्ञापन


निदेशक संहिता, वित्त विभाग समिति के सदस्य समिति के सचिव होंगे। राज्य सरकार में वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की थी कि रियासत में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें अप्रैल से लागू की जाएंगी। समिति वेतन से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा करेगी। कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों की समीक्षा होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संशोधनों की भी समीक्षा करेगी समिति

panel for recommandation of 7th pay commission
जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo

वेतन समिति के संदर्भ की शर्तों में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अपनाने, मौजूदा वेतन बैंडों के साथ-साथ उन्हें उपयुक्त रूप से बदलने की वांछनीयता, सरकारी भत्ते के लिए किराया संरचना के किसी भी परिवर्तन के रूप में मेडिकल भत्ता, प्रतिपूर्ति भत्ता, गृह किराया भत्ता, अस्थायी चाल भत्ता, आदि की संरचना और किसी अन्य मुद्दे जो सीधे भुगतान बैंड से संबंधित हैं, किसी अन्य बिंदु को ध्यान में रखते हुए एक समग्र पैकेज का सुझाव देते हैं जो वेतन बैंड के पुनर्गठन के मुद्दे पर सीधे असर कर रहे हैं। 

01/01/2016 से पहले नियुक्त पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन, मृत्यु-सह-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी, परिवार पेंशन और अन्य टर्मिनल और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए वित्तीय निहितार्थ होने वाले आवर्ती लाभों की संरचना को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की जांच करना, वांछनीयता की जांच करना और समिति की सिफारिशों के समय तक अंतरिम राहत देने की आवश्यकता है और सरकार द्वारा स्वीकार किए जाते हैं और कोई भी अन्य मामला जो राज्य में 7 वें सीपीसी की सिफारिशों के कार्यान्वयन से संबंधित है, जहां भी आवश्यक हो वहां संशोधनों के साथ की समीक्षा करेगी ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed