जम्मू कश्मीर में अब इस साल नहीं होंगे पंचायत चुनाव
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रियासत के चुनावों पर अलगाववादियों के वोट बहिष्कार का ग्रहण शुरू हो गया है। श्रीनगर सीट के लिए उपचुनाव में हुई हिंसा के बाद अब रियासत सरकार ने पंचायत चुनावों को इस साल टालने का मन बना लिया है।
रियासत का निर्वाचन विभाग पंचायत चुनाव की सारी तैयारियां पहले ही पूरा कर चुका है, लेकिन अब रियासत सरकार की हरी झंडी मिलने के आसार नहीं हैं। राज्य सरकार अनंतनाग उपचुनाव को भी टालना चाहती है। रियासत सरकार श्रीनगर में दरबार रहने तक अनंतनाग में उपचुनाव नहीं कराना चाहती है। श्रीनगर में दरबार मई से अक्टूबर तक रहेगा।
श्रीनगर उपचुनाव में हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल को होने वाले अनंतनाग उपचुनाव को टाल दिया था। उपचुनाव के लिए 25 मई की तिथि तय की गई है। रियासत के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु ने अमर उजाला को बताया कि श्रीनगर उपचुनाव का परिणाम 15 अप्रैल को आ जाएगा। निर्वाचन विभाग 20 अप्रैल के बाद कभी भी पंचायत चुनाव कराने को तैयार रहेगा। रियासत सरकार की अनुमति के बाद ही पंचायत चुनाव हो सकेंगे।
मार्च में चुनाव कराना चाहती थी सरकार
शासन के सूत्रों के मुताबिक रियासत के राजस्व और विधि विभाग ने पंचायत चुनाव को दिसंबर तक टालने के बारे में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को रिपोर्ट सौंप दी है। रियासत सरकार द्वारा इस सुझाव को मंजूरी दिए जाने के आसार हैं।
इससे पहले सरकार मार्च में पंचायत चुनाव कराना चाहती थी। बाद में अप्रैल में पंचायत चुनाव कराने का तर्क देकर चुनाव आयोग से श्रीनगर और अनंतनाग संसदीय सीट के लिए उपचुनाव टालने की सिफारिश की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इस सुझाव को खारिज कर दिया था।
आतंकी संगठन लगा रहे धमकी भरे पोस्टर
अलगाववादियों और आतंकी संगठनों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का भी एलान किया है। इस बाबत आतंकी संगठन धमकी भरे पोस्टर भी लगा रहे हैं। अनंतनाग उपचुनाव और पंचायत चुनाव में कर्मचारियों को ड्यूटी नहीं करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब आतंकी संगठन मंत्रियों, विधायकों और कर्मचारियों पर हमले कर सकते हैं। पंचायत चुनाव के भावी प्रत्याशियों में भी भय फैलाया जा रहा है। लिहाजा रियासत सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है।
हालांकि लगातार चुनाव टालने से अलगाववादियों और आतंकी संगठनों के हौसले बुलंद हो सकते हैं। इससे सुरक्षा बलों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।