कामनवेल्थ में घाटी की बेटियों पर भी रहेंगी निगाहें
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स्काटलैंड के ग्लासगो शहर में आज से शुरू होने वाले कॉम्नवेल्थ गेम्स पर जहां पूरे देशवासियों की निगाहें होंगी, वहीं घाटी वासियों के लिए भी ये गेम्स खास रहेंगे। आखिर अपने राज्य की दो बेटियां जो इन खेलों में शिरकत कर रही हैं।
राष्ट्रीय रिद्मिक जिमनास्टिक टीम में शामिल रियासत की वंडर गर्ल मिताली और पलक कौर बिजराल से उनके अभिभावकों सहित राज्यवासियों को काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी दोनों धुरंधरों की प्रशंसा कर चुके हैं।
कश्मीर के एक छोटे से कस्बे से निकले परवेज रसूल के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिताली और पलक कौर दुनिया में अपना नाम रोशन करने की तैयारी में हैं।
मां ने जताई उम्मीद चमकेगी मिताली
मिताली की मां मधु बाला ने कहा कि यह रियासत के लिए गौरव की बात है कि उनकी बेटी इस मुकाम तक पहुंचकर कुछ कर दिखाना चाहती है।मिताली ने यहां पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया है। उन्होंने उम्मीद जताई की कि मिताली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाल दिखाएगी।
पलक कौर बिजराल के पिता देवेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में युवा प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमजोर खेल ढांचे के कारण ऐसी प्रतिभा पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाती हैं।
सरकार को खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश और राज्य के लिए खुशी की बात है कि पलक राष्ट्रीय टीम में देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। माता हरविंदर कौर और बड़ी बहन कारमन कौर ने भी बेटी के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए खुशी जताई है।
कोच भी करेंगी कॉमनवेल्थ में शिरकत
पलक ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है जबकि मिताली स्नातक दूसरे वर्ष की छात्रा है। दोनों के नाम पर उपब्धियों की लंबी फेहरिस्त है।
उनके जिमनास्टिक कोच एसपी सिंह ने कहा कि मिताली और पलक कौर कामनवेल्थ गेम्स में टीम चैंपियनशिप के अलावा व्यक्तिगत वर्ग में हूप, बाल, रिबन और क्लब्स प्रतियोगिता में शिरकत करेगी।
राष्ट्रीय टीम के साथ जम्मू की जिमनास्टिक कोच और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कृपाली सिंह कोच के तौर पर प्रतिनिधित्व कर रही हैं। राष्ट्रीय टीम में मिताली और पलक के अलावा पंजाब की खिलाड़ी प्रभजोत शामिल है। कामनवेल्थ गेम्स में रियासत के जीएस बख्शी को हाकी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
एकसाथ पांच स्वर्ण जीत चुकी है मिताली
स्टेट अवार्ड और शेर-ए-कश्मीर अवार्ड से सम्मानित वंडर गर्ल मिताली ने अब तक चार अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और दूसरी चैंपियनशिप में 17 स्वर्ण, 10 रजत और 11 कांस्य के साथ 38 पदक हासिल किए हैं।
वर्ष 2007-08 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में मिताली ने एकसाथ पांच स्वर्ण पदक लेकर इतिहास रचा था। उसने साल 2009 में जापान में हुई 29वीं वर्ल्ड रिधमिक जिमनास्टिक चैंपियनशिप, 2010 को मिनस्क-बेलरर्स में वर्ल्ड कप रिधमिक जिमनास्टिक, साल 2010 को पसेरो (इटली) में हुई एफआईजी वर्ल्ड कप रिधमिक जिमनास्टिक चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
वर्ष 2010 में नई दिल्ली में हुई कामनवेल्थ गेम्स में रिजर्व चौथे स्थान पर रही। हालांकि, इसमें उसे प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल सका। ठाणे में हाल ही में हुई नेशनल चैंपियनशिप में मिताली ने ओवरऑल दूसरा और पलक ने तीसरा स्थान हासिल किया था। इसी प्रतियोगिता के आधार में दोनों का कामनवेल्थ गेम्स के लिए चयन किया गया।
पलक का भी कोई सानी नहीं
शेर-ए-कश्मीर अवार्ड से नवाजी गई पलक कौर बिजराल ने 11 वर्ष की आयु में पहली बार अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व किया। अब तक वह चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हिस्सा ले चुकी है।
पलक ने आठ स्वर्ण, 12 रजत और सात कांस्य पदक के साथ 27 पदक अपने नाम किए हैं। हाल ही में ठाणे में हुई नेशनल चैंपियनशिप में पलक ने दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पलक 2008 में यूकोतिस्क रशिया में हुई चौथी चिल्ड्रेन एशिया इंटरनेशनल गेम्स, 2013 को तशकेंत में हुई छठी एशियन आरजी चैंपियनशिप, 2013 में कीव (यूक्रेन) में हुई 32वीं वर्ल्ड आरजी चैंपियनशिप और तशकेंत में हुई एफआईजी आरजी वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।