पाकिस्तानी आतंकियों ने बदला घुसपैठ का तरीका
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सेना के सूत्रों के मुताबिक अब आतंकी घुसपैठ का परंपरागत रूट बदल रहे हैं। सेना और सुरक्षा एजेंसियों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-ताइबा के कई प्रमुख कमांडरों के मारे जाने के बाद अब स्थानीय युवकों की आतंकी संगठन में भर्ती भी बढ़ी है।
आमतौर पर ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद घुसपैठ के प्रयास कम हो जाते थे। इस दौरान पाकिस्तानी सीमा और एलओसी से सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं भी कम हो जाती थीं। लेकिन इस बार ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बावजूद सीजफायर का उल्लंघन कम नहीं हुआ है।
सेना के सूत्र इसके लिए कम बर्फबारी को कारण मानते हैं। आशंका है कि आने वाले दिनों में सीजफायर उल्लंघन और घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं। सांबा समेत जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में पहले भी सुरंग मिले हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आतंकियों ने नई सुरंगें बना ली हैं।
घाटी में इस समय सक्रिय हैं 229 आतंकी
सेना मानती है कि इस साल घुसपैठ का कोई प्रयास सफल नहीं हुआ है। लेकिन सेना और सुरक्षा एजेंसियां यह भी मानती हैं कि कश्मीर घाटी में वर्तमान में 229 आतंकी सक्रिय हैं। जम्मू संभाग में यह संख्या 50 से अधिक हो सकती है।
कश्मीरी युवकों की भर्ती हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी कर रहा है जिस पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने 10 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। वह खुद 21 साल का है।
चार दिन पहले शोपियां में मारे गए आतंकी आदिल खांडे और इरशाद शेख की भी भर्ती उसी ने की थी। दोनों आतंकी सोशल मीडिया में बुरहान वानी के साथ तस्वीरों में दिखे थे। सक्रिय आतंकियों में लगभग एक सौ विदेशी आतंकी हैं।