Pakistani fidayeen: राजोरी एलओसी पर पकड़े पाकिस्तानी फिदायीन की मौत, घुसपैठ करने के दौरान लगी थी गोली
सेना ने एलओसी के नौशेरा सेक्टर में शेर मकड़ी इलाके में 22 अगस्त को चार आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर फिदायीन तबारक हुसैन को पकड़ा था। अत्यधिक खून बहने पर सैन्य जवानों ने उसे अपना चार बोतल खून दिया था। पकड़े जाने के बाद उसका उपचार चल रहा था।
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जिले के नौशेरा इलाके से एलओसी पर जख्मी हालत में पकड़े गए फिदायीन आतंकी की शनिवार शाम सैन्य अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार सैन्य अस्पताल में उपचाराधीन तबारक को शनिवार को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।
22 अगस्त को सेना ने एलओसी के नौशेरा सेक्टर में शेर मकड़ी इलाके में चार आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर फिदायीन तबारक हुसैन को पकड़ा था। अत्यधिक खून बहने पर सैन्य जवानों ने उसे अपना चार बोतल खून दिया था।
सर्जरी कर उसके शरीर से गोलियां निकाली गई थीं, लेकिन शनिवार शाम करीब 8 बजे दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।
तबारक को पाकिस्तानी सेना के कर्नल ने दिए थे 30 हजार
एलओसी पर जिंदा पकड़े गए फिदायीन तबारक हुसैन ने सैन्य अस्पताल में माना था कि पाकिस्तानी सेना के कर्नल ने उसके समेत फिदायीन दस्ते को भारतीय सेना पर हमले के लिए भेजा था। तबारक को पाकिस्तानी सेना के कर्नल यूसुफ ने हमले के लिए 30 हजार रुपये भी दिए थे। हमले के लिए सेना की तीन अग्रिम चौकियों की रेकी गई थी।
22 अगस्त को पकड़ा गया तबारक इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसा था। इस दौरान 2 साल की सजा काटने के बाद उसे पाकिस्तान भेजा गया था।
इस बार वह फिदायीन हमले की तैयारी के साथ अन्य आतंकियों के साथ एलओसी से दाखिल होने की कोशिश में पकड़ा गया। गोली लगने से घायल होने पर तबारक चिल्ला रहा था - मैं यहां मरने के लिए आया था, मुझसे धोखा हुआ, भाई जान मुझे यहां से निकालो।