पाकिस्तान के घरों में छिपे हैं आतंकी: राजनाथ
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जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को एक के बाद एक हुए चार आतंकी हमलों के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। गृहमंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान इस तरह के हमले रोक पाने असफल है तो वह भारत की मदद ले। गृहमंत्री ने कहा कि पाक की ओर से इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि सीमा पर जो चल रहा है, उसमें पाकिस्तान सीधे तौर शामिल है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान से यहां जो आतंकवादी आते हैं वो पाकिस्तान के घरों में छिपे हुए हैं।
राजनाथ सिंह जम्मू जिले के अखनूर में भाजपा की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है और वे भारत में आकर तबाही मचाते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि भारत उरी और शोपियां जैसे आतंकवादी हमले कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होने कहा कि भारतीय सेना आतंकवादियों को मुंहतोड जवाब देने में कामयाब हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने न कभी पाकिस्तान की सरहद पार की और न ही कभी संघर्षविराम का उल्लंघन किया, लेकिन पड़ोसी देश की ओर से बार -बार यह उल्लंघन किया गया।
गृहमंत्री ने दी पाकिस्तान को सुधर जाने की चेतावनी दी
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को जिले के कोटरंका और थन्नामंडी में जनसभा के दौरान जहां नेकां, कांग्रेस और पीडीपी पर निशाना साधा, वहीं पाकिस्तान को सलाह देते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान से उसके पैदा किए आतंकी अब संभाले नहीं जा रहे, तो वह भारत से मदद लेकर उनका सफाया करवा सकता है।
उन्होंने साफ किया कि भारत पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती के रिश्ते चाहता है। अमन व शांति चाहता है। लेकिन, पाकिस्तान की तरफ से बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन व आतंकी हमले इस बात की तस्दीक करते हैं कि वह दोस्ती का केवल ढोंग करता है। उसकी असली मंशा भारत के राज्यों में आतंकी घटनाएं करवा कर दहशत फैलाना है।
जनसभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के लिए आतंकवाद अब बड़ी समस्या बना गया है। उसकी अपनी ही धरती पर आए दिन आतंकी घटनाएं होती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में बेगुनाहों की जानें जाती हैं। यदि पाकिस्तान को भारत के साथ दोस्ती के रिश्ते बनाने हैं, तो उसे आतंकवादियों को इस ओर भेजने पर रोक लगानी होगी।
आतंकी नहीं संभाले जा रहे तो भारत से मदद ले पाक
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उससे आतंकवादी संभाले नहीं जा रहे, तो वह भारत के साथ बातचीत कर सकता है। भारत हर विकल्प सामने रख कर चल रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों को आमंत्रित कर यह बता दिया था कि भारत केवल दोस्ती व अच्छे रिश्ते चाहता है।
गृहमंत्री ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम और तैयार भी है। जम्मू-कश्मीर में विस चुनाव में खलल डालने के पाकिस्तान के कई मंसूबों को सेना ने विफल कर दिया है। नियंत्रण रेखा हो या फिर अंतरराष्ट्रीय सीमा, भारतीय सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देती रही है और भविष्य में भी देगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा की लहर का असर दिखने लगा है। पार्टी राज्य में विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी, ताकि जम्मू-कश्मीर देश के सबसे विकसित राज्यों मे से गिना जा सके। वहीं उन्होंने नेकां, पीडीपी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन सियासी पार्टियां पिछले दो दशक से मासूम व निर्दोष जनता का खून निचोड़ा है।
हमले के बाद सुहाग की पीएम से मुलाकात
वहीं, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेना के कैंप पर फिदायीन हमले की जानकारी दी। पीएम ने कश्मीर में अपनी रैली से पहले कश्मीर के ताजा हालात पर सेना प्रमुख से पूरी जानकारी ली। सुबह सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति में भी इस मामले पर चर्चा की।
उधर, उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ट्वीट किया, 'यह एक खौफनाक दिन है। 4 हमले और कई सुरक्षाकर्मी और निर्दोष आम नागरिक मारे गए। मुझे उम्मीद है कि गृह मंत्रालय वाजिब कदम उठाएगा।'
अब्दुल्ला ने पहले चरण की वोटिंग के बाद मीडिया को चेताते हुए कहा कि वे इस तरह की हेडलाइंस का इस्तेमाल न करें कि घाटी के लोगों ने आतंकियों की धमकी को नजरअंदाज करके वोटिंग की। अब्दुल्ला ने शंका जताई थी कि इस तरह की खबरों से खीझकर आतंकी लोगों को निशाना बनाने की कोशिश करेंगे।