पाक ने सीमा पर तैनात की सेना, भारतीय सेना हुई सतर्क
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पाकिस्तान के भीरत बढ़ रही राजनीतिक अस्थिरता के चलते पाकिस्तान सरकार ने भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सेना को तैनात कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के इस एक्शन के बाद भारतीय सेना भी सतर्क हो गई है।
पाकिस्तानी सेना के बार्डर पर तैनात किए जाने के बाद आज भारतीय सेना के आला अधिकारियों ने सीमा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। खुफिया एजेंसी के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में चल रही अस्थिरता के चलते ऐसा किया गया है।
बताया जा रहा है कि लोगों का ध्यान बांटने के इरादे से पाकिस्तान सरकार ने भारत-पाक सीमा पर सेना को तैनात कर दिया है। सूत्रों के अनुसार बीते कई दिनों से आरएसपुरा और अरनिया इलाके में पाक सेना की ओर से गोलीबारी की जा रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रो में अफरातफरी का महौल बना हुआ है।
भारतीय अधिकारी भी सीमा पर पहुंचे
सेना सूत्रों के मुताबिक बीते दो दिनों से सीमा पार पाक रेंजर्स की मूवमेंट देखी गई है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना ने दो दिन पहले 27 सीमावर्ती गांवों को पहले ही खाली करा लिया था ताकि सीजफायर उल्लंघन के बाद जवाबी कार्रवाई में उनके नागरिकों को कोई नुकसान ना हो।
पाकिस्तानी सेना की इस कार्रवाई के बाद से बार्डर पर दुश्मन सेना की मौजूदगी भी बढ़ गई है। सीमा पर बन रहे तनावपूर्ण हालात के बाद भारतीय सेना भी सतर्क हो गई है। आज भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों ने सीमा का दौरा कर हालात जायजा लिया।
खुफिया एजेंसी के सूत्रों का कहना है की सेना के अधिकारी सीमा पर होने वाली हर हलचल को गंभीरता से ले रहे हैं। उधर, बीएसएफ के जवानों को भी सतर्क कर दिया गया है।
सीमा पर लगातार बिगड़ रही स्थिति को देखते हुए जवानों ने बंकरो की सफाई शुरु कर दी है। सीमा पर तनाव भी बढ़ गया है। जिससे सीमावर्ती ग्रामीण भी चिंतित हो गए हैं।
जानिए क्या है पाक की चाल
पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय सीमा को निशाना बना रहा है। इसमें रिहायशी इलाकों को टारगेट किया जा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान एलओसी पर पूरी तरह से विफल हुआ है।
इसकी बौखलाहट में वह अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग कर रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है, क्योंकि आईबी पर एलओसी की तुलना में रिहायशी इलाकों को टारगेट करना आसान है। पाकिस्तान आसानी से रिहायशी इलाकों को देख सकता है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने घुसपैठ कराने के लिए राजोरी और पुंछ की एलओसी पर बहुत प्रयास किए हैं। पिछले दो सालों पर नजर दौड़ाएं तो करीब 200 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है।
इसमें चार बार बैट हमले हुए हैं। पांच बार फिदायीन हमले की कोशिश की गई, लेकिन बावजूद इसके पाकिस्तान घुसपैठ नहीं कर पाया है।
संघर्ष विराम के उल्लंघन का दस सालों का टूटा रिकार्ड
पुंछ के मेंढर, राजोरी के गंभीर मुगला और पुंछ के मंडी में पूरी तरह से ट्रेनिंग लिए करीब 30 आतंकियों का दल घुसपैठ करने के लिए तैयार बैठा हुआ है। इस दल को घुसपैठ कराने के लिए पिछले एक साल से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद घुसपैठ नहीं हो रही।
इससे बौखला कर अब पाकिस्तान रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। जवान कर रहे तीसरी फेसिंग का काम: एलओसी पर एक फेसिंग जीरो लाइन पर है, तो दूसरी फेसिंग भारतीय हद में दो से पांच किलोमीटर के भीतर की है।
जवानों ने संभाला तीसरी फेसिंग का जिम्मा
जबकि तीसरी फेसिंग का काम जवानों ने संभाला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों फेसिंग के मध्य में जवानों ने टुकड़ियों के तौर पर पहरा लगाया हुआ है।
यहां कोई भी घुसपैठ होना संभव नहीं। जबकि अन्य दो फेसिंग पर भी सेना ने हाईटेक तंत्र स्थापित किया है, जिससे घुसपैठ नहीं हो सकती।
दबाव में पाकिस्तान: आईएसआई का पाकिस्तान पर घुसपैठ कराने का दबाव है। आईएसआई अधिक से अधिक आतंकियों को चुनाव से पहले घुसपैठ कराना चाहती है, इसलिए पाकिस्तानी सेना पर हर हाल में घुसपैठ कराने का दबाव है। हर रोज संघर्ष विराम का उल्लंघन होना इसी का एक हिस्सा है।