पाकिस्तान ने मुफ्ती को दिया करारा झटका, जानिए पूरा मामला
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से व्यापार बढ़ाने के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद के एजेंडे को लगातार झटके झेलने पड़ रहे हैं। पहले केंद्र सरकार ने मुफ्ती के एजेंडे को आगे बढ़ाने से साफ मना कर दिया और अब पाकिस्तान ने व्यापार योग्य चार वस्तुओं पर प्रतिबंध जारी कर दूसरा बड़ा झटका दिया है।
क्रास एलओसी ट्रेड में वस्तुओं की संख्या बढ़ाने, मुक्त व्यापार और बेरोकटोक आवाजाही पीडीपी-भाजपा सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) में शुमार हैं। भाजपा ने पहले इन बिन्दुओं पर सहमति जताई थी जिसके आधार पर गठबंधन एजेंडा बना लेकिन केंद्र सरकार ताजा परिस्थितियों के मद्देनजर इसकी इजाजत देने के मूड में नहीं है।
रियासत के गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के ट्रेड एंड ट्रेवल अथारिटी के अधिकारी ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) इम्तियाज वानी ने आदेश जारी कर कालीन, केला, फेब्रिक्स और मेस्वाक के क्रास एलओसी ट्रेड पर प्रतिबंध लगा दिया है।
हाथ से बने कालीन पर भी लगी रोक
इस संबंध में भारतीय अधिकारियों को अब तक विधिवत सूचित नहीं किया गया है, लेकिन पीओके से इस बाबत सूचना एक-दो दिन में आ सकती है। जम्मू कश्मीर के अधिकारी इस बाबत एलओसी ट्रेड से जुड़े पीओके अधिकारियों से बातचीत करने वाले हैं। क्रास एलओसी व्यापार के लिए स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिड्यूर (एसओपी) निर्धारित है।
इस प्रक्रिया के उल्लंघन और इसमें अनियमितता को चार वस्तुओं के व्यापार प्रतिबंध का आधार बनाया गया है। कालीन और केला क्रास एलओसी ट्रेड के वस्तुओं में प्रमुख हैं। सिर्फ केले का व्यापार 95 करोड़ रुपये सलाना है। इसी तरह कालीन का व्यापार दोनों तरफ से होता है।
इससे पहले मशीन द्वारा निर्मित कालीन और फ्रेबिक्स के व्यापार पर रोक थी लेकिन अब हाथ से बने कालीनों को भी पाकिस्तान की ओर से प्रतिबंधित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पीओके की ओर से इस व्यापार में नशीली वस्तुएं भी पहले आई हैं।
परमिट मुक्त आवाजाही की बात
ड्रग्स की खेप पकड़े जाने के बाद एलओसी ट्रेड बीच-बीच में बंद भी होता रहा है। इन घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने एलओसी पर फुल ट्रक स्कैनर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। केंद्रीय टीम इसके लिए दौरा कर चुकी है और स्कैनर शीघ्र लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
गौरतलब है कि पीडीपी और भाजपा के गठबंधन एजेंडे में क्रास एलओसी ट्रेड को बंदिशों से मुक्त करने और दोनों तरफ से लोगों की आवाजाही परमिट मुक्त करने की बात कही गई है। एजेंडे में व्यापार के नए रूट खोलने की भी बात कही गई है। केंद्र सरकार ने अब इससे साफ मना कर दिया है।
वर्तमान में एलओसी पर दोनों ओर से 21-21 वस्तुओं का व्यापार होता है। रियासत सरकार ने व्यापार की वस्तुओं की संख्या बढ़ाकर 80 करने का प्रस्ताव भेजा था जिसे केंद्र ने खारिज कर दिया है। कारगिल से पीओके के लिए नया व्यापार रूट खोलने पर भी केंद्र सहमत नहीं है। केंद्रीय गृह विभाग ने इस बाबत रियासत सरकार को सूचित कर दिया है।