सेना को नुकसान पहुंचाने को पाक की नई करतूत
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पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर फायरिंग के साथ भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाने के लिए दूसरे हथकंडे भी आजमा रही है। पाक सेना पुंछ सेक्टर के सौंजियां इलाके में अत्यधिक घातक क्लेमोर आईईडी लगाकर बड़ा धमाका करने की फिराक में थी।
यह आईईडी एलओसी के भारतीय इलाके में योजनाबद्ध तरीके से उस जगह लगाई गई जहां से सेना गश्त पर जाती है।
हालांकि सेना ने इसे सही वक्त पर ढूंढ कर बड़े हादसे को टाल दिया। सेना के मुताबिक एलओसी पर और आईईडी लगे होने की आशंका है, जिसे ढूंढने का काम चल रहा है।
सेना ने पुंछ में अति घातक क्लेमोर आईईडी खोजी
इस महीने की चार तारीख को पाक सेना ने इसी तर्ज पर बलनोई पोस्ट के पास आईईडी धमाका किया था जिसमें महार रेजिमेंट का एक जवान शहीद हो गया। इससे पहले 15 सितंबर को भी एलओसी पर पाक सेना ने आईईडी से धमाका किया था।
मंगलवार सुबह आठ से ग्यारह बजे तक पाक ने पुंछ सेक्टर में एक बार फिर अंधाधुंध फायरिंग कर भारतीय सेना को उकसाने की कोशिश की। सेना के मुताबिक पुंछ घुसपैठ के लिहाज से पाक सेना का पसंदीदा सेक्टर है।
यही वजह है कि वह आईईडी जैसे हथकंडे से भारतीय सेना का ध्यान बंटाना चाहती है। सूत्रों ने बताया कि पाक सेना आतंकवादियों की मदद से रात के अंधेरे में चुपचाप आकर भारतीय इलाके में क्लोमोर आईईडी लगा जाती है।
क्यों घातक है क्लेमोर आईईडी
सेना इसे गुरिल्ला युद्ध का हिस्सा मानती है। सेना ने बताया कि एलओसी पर मंगलवार की फायरिंग इस महीने का 25वां सीजफायर उल्लंघन है। पाक सेना ने एलओसी पर इस साल अब तक 134 बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुकी है।
सेना के सूत्रों के मुताबिक क्लेमोर आईईडी दरअसल विशेष डिजाइन से तैयार की जाती है जिसे पेड़ पर छुपा कर रख दिया जाता है। जब भारतीय गश्ती दल इसकी रेंज में आता है तो सीमा पार से रिमोट कंट्रोल के ट्रिगर से धमाका किया जाता है। धमाका होते ही आईईडी 40 डिग्री के फैलाव के साथ असर करता है जिसमें कई जान एक साथ चली जाती है।