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सीमांत क्षेत्रों को डेंजर जोन घोषित करे सरकार

Mon, 13 Oct 2014 10:34 PM IST
Updated Mon, 13 Oct 2014 10:34 PM IST
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pak firing at indian border
खराब मौसम और गोलाबारी के चलते बासमती की फसल बर्बाद हो रही है। इसके चलते सीमांत गांवों के किसान बेहद चिंतित हैं। आरएसपुरा के बासमती राइस ग्रोउर एसोसिएशन ने सोमवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर किसानों की दिक्कतों के बारे में बताया।
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उन्होंने सीमांत गांवों को डेंजर जोन घोषित करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रधान चौधरी देवराज ने कहा कि बासमती की फसल उगाने वाले किसानों को पहले मौसम के कारण भारी मार झेलनी पड़ी थी, जिसमें भारी बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में फसल को काफी नुकसान हुआ।

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इसके बाद सीमांत क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रही गोलाबारी के कारण किसान अपने खेतों में फसल की देखरेख का काम नहीं कर पा रहे हैं। चौधरी ने राजस्व मंत्री से बाढ़ और गोलाबारी से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
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फसल और सबकुछ हुआ बर्बाद

pak firing at indian border

उन्होंने बताया कि गोलाबारी के कारण खेत में न सिर्फ फसल बर्बाद हुई, बल्कि खेत में लगे पानी के ट्यूबवेल और अन्य उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सीमांत गांवों को डेंजर जोन घोषित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गोलाबारी के कारण सीमांत गांव के विद्यार्थियों की शिक्षा में भी खलल पड़ा है। किसानों की फसल और उसकी इंश्योरेंस पालिसी के तहत बीस लाख रुपये तक की मुआवजा राशि तथा गोलाबारी में घायल होने वाले किसानों के उपचार के लिए दस लाख रुपये और मारे गए मवेशियों की भी मुआवजा राशि दी जानी चाहिए। कांफ्रेंस में दयाल सिंह, हरनाम सिंह, सोभा सिंह, शशि चौधरी, मंजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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