जम्मू-कश्मीर में बड़ा एक्शन: सेना के शिकंजे में आतंकियों के मददगार, दो गिरफ्तार; नहीं बचेंगे पहलगाम के गुनहगार
पहलगाम हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ एक्शन तेज हो गया है। आतंकियों के घरों को सुरक्षाबल बम से उड़ा रहे हैं। शोपियां, कुलगाम, पुलवामा में आतंकियों के घरों को निशाना बनाया गया है। वहीं, आतंकियों को पनाह देने वालों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आतंकियों के एनकाउंटर के बीच उन्हें पनाह देने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। एएनआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुलगाम जिले के कैमोह इलाके के थोकरपोरा में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
J&K | Two Terrorist associates arrested by security forces in Thokerpora in Qaimoh area of Kulgam district: Police Sources pic.twitter.com/KstcuocVek
— ANI (@ANI) April 26, 2025विज्ञापन
पहलगाम के गुनहगारों के घर जमींदोज, बम से उड़ाए
पहलगाम के गुनहगारों में शामिल लश्कर-ए-ताइबा के दो आतंकियों के घर जमींदोज हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकी आसिफ शेख के त्राल स्थित घर और बिजबिहाड़ा स्थित आदिल ठोकर के घरों की वीरवार रात को तलाशी ली। इनमें बड़ी मात्रा में रखे गए विस्फोटक फटने से घर ध्वस्त हो गए।
पहलगाम के बायसरन में 26 बेगुनाहों की जान लेने वाले हमलावरों में से तीन के सुरक्षा एजेंसियों ने स्केच जारी करने के बाद तस्वीरें भी जारी की हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने सुरक्षाबलों को जो बताता, उसके आधार पर स्केच बनाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, हमले में तीन से चार आतंकवादी शामिल थे। इनमें दो पाकिस्तानी और अन्य स्थानीय आतंकियों में आसिफ व आदिल भी शामिल हैं।
गलत राह पर चला गया आसिफ
आसिफ शेख ने गलत रास्ता चुना। इससे उसने अपनी और अपने परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी। आसिफ का घर त्राल के उसी इलाके में है, जहां आतंकी बुरहान वानी रहता था। कुछ समय पहले एक मुठभेड़ में मारे गए आतंकी की डायरी में आसिफ की हथियार के साथ तस्वीर मिली थी। आसिफ ने 2017-18 में पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली। कुछ साल तक अंडरग्राउंड रहने के बाद 18 अप्रैल, 2022 से सक्रिय हुआ और तब से लश्कर के फरमान पर वारदात को अंजाम देता आ रहा है।
पाकिस्तान भी गया था आदिल
आतंकी आदिल 2018 में वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भाग गया था। वहां उसने आतंकी कैंप में ट्रेनिंग ली और पिछले साल ही कश्मीर लौटा था। वह भी लश्कर की नापाक मंसूबों को दक्षिण कश्मीर में अंजाम दे रहा था। उसे युवाओं को आतंकवाद में भर्ती के लिए भी जिम्मेदारी दी गई थी।
आतंकी आसिफ की बहन बोली- मेरा भाई मुजाहिदीन, 2021 से नहीं हुआ संपर्क
पहलगाम हमले में शामिल आतंकी आसिफ की बहन यासमीना ने कहा कि उसका भाई मुजाहिदीन है। उसने परिवार के निर्दोष सदस्यों को दंडित किया जा रहा है। राख हो चुके घर के पास पत्रकारों से बात करते हुए यासमीना ने कहा, मेरा एक भाई जेल में है, दूसरा मुजाहिदीन है। दो बहनें भी हैं। बीते दिन जब मैं ससुराल से यहां आई, तो माता-पिता व भाई-बहन घर पर नहीं मिले। पुलिस उन्हें ले गई थी। जब मैं यहां थी, तो सुरक्षाबल आए और मुझे पड़ोसी के घर में जाने के लिए कहा। उसके बाद घर ध्वस्त हो गया। बकाैल यासमीना.. कहा जा रहा है कि मेरे भाई ने घर में विस्फोटक रखा, वह जब आया ही नहीं तो रखेगा कहां से। हमारी उसके साथ आखिरी बार 2021 में बात हुई थी, तब से कोई संपर्क नहीं हुआ। उसने हम बहनों को बेसहारा छोड़ दिया था। वह दिव्यांग पिता को भी छोड़कर चला गया।
शोपियां और कुलगाम में आतंकियों के घर आईईडी से ध्वस्त
शोपियां के चोटीपोरा में एक सक्रिय शीर्ष लश्कर आतंकवादी कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे के घर को सुरक्षा बलों ने जमींदोज कर दिया, शाहिद पिछले तीन से चार वर्षों से सक्रिय है, और कई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल है। शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों ने कुलगाम के क्विमोह में आतंकी जाकिर गनी के घर को ध्वस्त कर दिया है, जाकिर 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था। पहलगाम हमले के बाद अब तक सुरक्षाबलों ने कुल पांच आतंकियों के घरों को ध्वस्त कर दिया है।
ढूंढ कर ठिकाने लगाए जाएंगे आतंकी और उनके पनाहगार- एलजी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि घाटी में आतंकवाद का समूल नाश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश को सेना, पुलिस और सुरक्षाबलों के जवानों पर पूरा भरोसा है। वे घाटी में आतंकवादियों का सफाया करने में सक्षम हैं। सेना के जवान घाटी में आतंकवाद की चेन तोड़कर पहलगाम में हिंसा का बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवादी कहीं भी छिपे हों, किसी भी संगठन के हों, उन्हें तलाश कर खत्म किया जाएगा। उन्हें पनाह देने वाले भी सुरक्षा एजेंसियों से बच नहीं पाएंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के दोषियों और आतंकी मददगारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वे कहीं भी छिपे हों, ढूंढकर सजा दी जाएगी। इस बैठक में सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की गई। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों में समन्वय को लेकर भी दिशानिर्देश तय किए गए हैं। इस बैठक में सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेद्वी, उत्तरी कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार, आर्मी स्टाफ के डिप्टी चीफ ले. जनरल प्रतीक शर्मा और जीओसी 15 कोर ले. जनरल प्रशांत श्रीवास्तव मौजूद थे।
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