{"_id":"58c78c104f1c1bb66032a23e","slug":"overstay-of-engineers-stop-development","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरों का ओवरस्टे रोक रहा तरक्की की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरों का ओवरस्टे रोक रहा तरक्की की रफ्तार
एजेंसी/श्रीनगर
Updated Tue, 14 Mar 2017 11:52 AM IST
विज्ञापन
इंजीनियर
- फोटो : Demo Pic.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत के रोड्स एंड बिल्डिंग्स (आरएंडबी) विभाग में 400 से ज्यादा मुलाजिम तीन से दस साल तक एक ही जगह पर तैनाती बनाए हुए हैं।
सूत्रों की मानें तो स्पष्ट स्थानांतरण नीति होने के बावजूद इन मुलाजिमों को या तो राजनीतिक संरक्षण या फिर भ्रष्ट तंत्र एक ही जगह पर बनाए हुए हैं। एक ही जगह पर तैनाती बने रहने से यह मुलाजिम कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक विभाग में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और ड्राफ्ट्समैन पदों पर आसीन कुल 406 ऐसे मुलाजिम हैं जो तीन से दस साल से भी ज्यादा समय से एक ही स्टेशन पर तैनात हैं।
गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल में पहले विस्तार के दौरान आरएंडबी मंत्री बनाए गए नईम अख्तर का कहना है कि विभाग के सामने कई मुद्दे हैं। इनमें पदोन्नतियों और तबादलों के मामले भी शामिल हैं, जल्द इन तमाम मामलों को लेकर उचित व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
दीगर है कि राज्य सरकार के वर्ष 2010 आदेश के मुताबिक शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य तमाम विभागों में मुलाजिमों के लिए एक स्थान पर तैनाती की न्यूनतम अवधि दो और अधिकतम तीन वर्ष निर्धारित की गई है। केवल खास परियोजनाओं की विशेष परिस्थितियों में ही मुलाजिम को एक स्थान पर पांच वर्ष तक के लिए तैनात रखा जा सकता है।
आरएंडबी में 196 इंजीनियर तीन वर्ष से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। 102 मुलाजिम ऐसे हैं जो चार साल से एक ही स्थान पर बने हुए हैं। 50 इंजीनियर पांच साल और 18 इंजीनियर सात साल से एक ही स्थान पर बने हुए हैं। 10 इंजीनियर आठ और 11 इंजीनियर नौ वर्ष से एक ही जगह पर तैनात हैं। एक मुलाजिम तो पिछले पंद्रह वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात है।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो स्पष्ट स्थानांतरण नीति होने के बावजूद इन मुलाजिमों को या तो राजनीतिक संरक्षण या फिर भ्रष्ट तंत्र एक ही जगह पर बनाए हुए हैं। एक ही जगह पर तैनाती बने रहने से यह मुलाजिम कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक विभाग में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और ड्राफ्ट्समैन पदों पर आसीन कुल 406 ऐसे मुलाजिम हैं जो तीन से दस साल से भी ज्यादा समय से एक ही स्टेशन पर तैनात हैं।
विज्ञापन
गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल में पहले विस्तार के दौरान आरएंडबी मंत्री बनाए गए नईम अख्तर का कहना है कि विभाग के सामने कई मुद्दे हैं। इनमें पदोन्नतियों और तबादलों के मामले भी शामिल हैं, जल्द इन तमाम मामलों को लेकर उचित व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
दीगर है कि राज्य सरकार के वर्ष 2010 आदेश के मुताबिक शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य तमाम विभागों में मुलाजिमों के लिए एक स्थान पर तैनाती की न्यूनतम अवधि दो और अधिकतम तीन वर्ष निर्धारित की गई है। केवल खास परियोजनाओं की विशेष परिस्थितियों में ही मुलाजिम को एक स्थान पर पांच वर्ष तक के लिए तैनात रखा जा सकता है।
आरएंडबी में 196 इंजीनियर तीन वर्ष से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। 102 मुलाजिम ऐसे हैं जो चार साल से एक ही स्थान पर बने हुए हैं। 50 इंजीनियर पांच साल और 18 इंजीनियर सात साल से एक ही स्थान पर बने हुए हैं। 10 इंजीनियर आठ और 11 इंजीनियर नौ वर्ष से एक ही जगह पर तैनात हैं। एक मुलाजिम तो पिछले पंद्रह वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात है।