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Jammu News: तालाब तिल्लो में 15 साल पहले बने ओवरहेड टैंक से आज तक नहीं हो सकी पानी की सप्लाई
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जम्मू। तालाब तिल्लो में 15 साल पहले बना ओवरहेड टैंक सफेद हाथी साबित हुआ है। 2010 में निर्माण के बाद पहली बार टैंक में पानी डाला गया तो रिसाव हुआ। इसके बाद आज तक न तो पानी भरा गया, न मरम्मत करवाई गई और न ही लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की गई। छह लाख गैलन की क्षमता वाले टैंक से वार्ड-31, 32 और 40 में लोगों को पेयजल मुहैया करवाया जाना था।
मौजूदा समय में पुराने टैंक से जलापूर्ति हो रही है जिस कारण तीनों ही वार्डों में पेयजल संकट गहरा रहा है। ओवरहेड टैंक का निर्माण जल शक्ति विभाग के माध्यम से ही करवाया गया था। इकनोमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी ने लगभग 60 लाख की लागत से काम किया था। जब पानी टैंक में छोड़ा गया तो लीक हो गया। टैंक के फटने की संभावना के कारण दोबारा पानी नहीं डाला गया। इसी तरह भगवती नगर में फ्लाईओवर निर्माण के कारण ओवरहेड टैंक को गिराया जा चुका है। इसमें भी लीकेज थी। अब हालात यह हैं कि पुराने टैंक से पानी की आपूर्ति तमाम वार्डाें में पर्याप्त नहीं है। यहां पर नया ट्यूबवेल भी नहीं लगाया गया है। इस कारण मांग पूरी नहीं हो रही। फिलहाल टैंक की मरम्मत या गिराने के लिए विभाग अभी तक फैसला नहीं ले पाया है।
पानी डालते ही गिर गए थे दो टैंक
2010 में दो टैंक पानी डालने के बाद फटकर गिर गए थे। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। विभागीय जांच में निर्माण सामग्री पर सवाल उठे थे। वार्ड-31 के पूर्व पार्षद सुच्चा सिंह ने कहा कि ओवरहेड टैंक को गिराने और नया बनाने की मांग कई बार की गई है। 60 लाख खर्च करने के बाद भी सुविधा नहीं मिली। तीन वार्डों को आज भी काफी पुराने टैंक से पानी मिल रहा है, जिसे सभी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं।
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कब टैंकों का निर्माण हुआ है और इनमें पानी क्यों नहीं डाला जा रहा। इस बारे जानकारी ली जाएगी। लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे।
- मोहम्मद अनीफ, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग।
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मौजूदा समय में पुराने टैंक से जलापूर्ति हो रही है जिस कारण तीनों ही वार्डों में पेयजल संकट गहरा रहा है। ओवरहेड टैंक का निर्माण जल शक्ति विभाग के माध्यम से ही करवाया गया था। इकनोमिक रिकंस्ट्रक्शन एजेंसी ने लगभग 60 लाख की लागत से काम किया था। जब पानी टैंक में छोड़ा गया तो लीक हो गया। टैंक के फटने की संभावना के कारण दोबारा पानी नहीं डाला गया। इसी तरह भगवती नगर में फ्लाईओवर निर्माण के कारण ओवरहेड टैंक को गिराया जा चुका है। इसमें भी लीकेज थी। अब हालात यह हैं कि पुराने टैंक से पानी की आपूर्ति तमाम वार्डाें में पर्याप्त नहीं है। यहां पर नया ट्यूबवेल भी नहीं लगाया गया है। इस कारण मांग पूरी नहीं हो रही। फिलहाल टैंक की मरम्मत या गिराने के लिए विभाग अभी तक फैसला नहीं ले पाया है।
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पानी डालते ही गिर गए थे दो टैंक
2010 में दो टैंक पानी डालने के बाद फटकर गिर गए थे। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। विभागीय जांच में निर्माण सामग्री पर सवाल उठे थे। वार्ड-31 के पूर्व पार्षद सुच्चा सिंह ने कहा कि ओवरहेड टैंक को गिराने और नया बनाने की मांग कई बार की गई है। 60 लाख खर्च करने के बाद भी सुविधा नहीं मिली। तीन वार्डों को आज भी काफी पुराने टैंक से पानी मिल रहा है, जिसे सभी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं।
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कब टैंकों का निर्माण हुआ है और इनमें पानी क्यों नहीं डाला जा रहा। इस बारे जानकारी ली जाएगी। लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे।
- मोहम्मद अनीफ, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग।