जम्मू में विपक्ष की बैठक: फारूक अब्दुल्ला बोले- संसद में बताएंगे जम्मू-कश्मीर की असलियत
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला अभ्यर्थियों के साथ मुलाकात में आश्वासन दिया कि 13 मार्च को संसद सत्र शुरू हो रहा है और वह पूरी कोशिश करेंगे कि उसमें उनकी बात रखी जाए। उन्होंने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की।
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जल्द संसद में जम्मू कश्मीर की मौजूदा असलियत को रखेंगे। इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं से बात करके उनका समर्थन लिया जाएगा। जिसके बाद प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से मिलने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। राष्ट्रीय नेताओं को साथ लेकर चुनाव आयोग से भी मिला जाएगा। यह बातें पीएजीडी (पीपुल्स एलायंस फार गुपकार डेक्लेरेशन) के प्रमुख, नेकां अध्यक्ष सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला ने बठिंडी जम्मू स्थित अपने आवास पर हुई सर्वदलीय बैठक में कही। साथ ही उन्होंने प्रदेश की मजबूती के साथ राज्य का दर्जा वापस देने के साथ जल्द विधानसभा चुनाव करवाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं के सामने जम्मू-कश्मीर के जमीनी हालात को रखा जाए, जिसके बाद ही प्रदेश की बेहतरी के लिए कोई कदम उठाया जाएगा। चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की बंद की काल जम्मू की आवाज बनकर उभरी है। बच्चों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। रात को कानून पास करके दूसरे दिन लागू किए जा रहे हैं। सालों से काम कर रहे नंबरदारों को बाहर निकाल दिया गया है। हम जम्मू कश्मीर के सभी ज्वलंत मुद्दों पर राष्ट्रीय नेताओं से मदद मांगेंगे।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो गए हैं। यहां मई में जी20 की बैठक भी करवाई जा रही है तो फिर विधानसभा चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने भी सिफारिश की है कि छह माह में चुनाव करवाए जाने चाहिए। राष्ट्रीय नेताओं से चर्चा के बाद जम्मू कश्मीर में राजनीतिक दलों के साथ फिर बैठकें की जाएंगी। संपत्ति कर सहित अन्य कई करों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। बुलडोजर जारी है। अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली में जंत्र मंत्र पर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। बैठक में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला, सीपीआई (एम) के प्रमुख यूसुफ तारीगामी, पीडीपी, अवामी नेशनल कान्फ्रेंस, शिव सेना बाला साहेब के प्रदेश प्रमुख मुनीश साहनी, पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह, सुनील डिंपल आदि मौजूद रहे।
ब्लैकलिस्ट कंपनी को ठेका देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जेकेएसएसबी की परीक्षाओं में एक ब्लैकलिस्ट कंपनी को ठेका देना भ्रष्टाचार को दिखाता है। ऐसी क्या मजबूरी है कि कई राज्यों में ब्लैकलिस्ट हुई कंपनी को जम्मू-कश्मीर में भर्ती के लिए ठेका दिया गया है। किसी दूसरी साफ कंपनी को क्यों नहीं लाया गया है। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को पचास हजार सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था और अब बताए कि कितनों को रोजगार दिया गया है। आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को साइड लाइन किया जा रहा है। हम संसद में यह मामला भी उठाएंगे।
विपक्ष को दबाने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में विपक्ष को दबाने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है। हम सभी को एक होना जरूरी है। चुनाव जीतकर ही प्रधानमंत्री बना जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय सलाहकार की नियुक्ति के सवाल पर डाॅ. फारूक ने कहा कि सलाहकार बनाना गृहमंत्री का फैसला होता है। हमारे यहां चुनाव होने चाहिए। मजबूत तरीके से जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिया जाए। देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि जम्मू कश्मीर जैसे किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया। हम हिंदुस्तान का मुकुट हैं।
संपत्ति कर लगाने का अधिकार विधानसभा को
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि संपत्ति और अन्य कर लगाने का अधिकार लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार में विधानसभा को होता है। यहां के सदस्य ही फैसला ले सकते हैं कि लोगों के हितों के लिए कौन सा कर लगाया जाए। जम्मू कश्मीर में हर तरफ से नए कर लगाए जा रहे हैं। सुना है बिजली की दरें बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है। जम्मू कश्मीर मौजूदा केंद्र की अस्थायी सरकार है और ऐसे फैसले लेने का अधिकार चुनी हुई सरकार का होता है। विधानसभा के सदस्य लोगों का सामना करते हैं। हमारे लोगों की आर्थिक हालत खराब है, जिससे वे मौजूदा कर देने के लिए तैयार नहीं हैं। चुनाव करवाए जाएं और लोगों पर फैसला छोड़ा जाए।
हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़ाया जा रहा
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वोट बैंक के लिए देश और जम्मू कश्मीर में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लड़ाने की कोशिश की जाती रही हैं। लेकिन जम्मू कश्मीर में आज भी भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता कायम है। गांधी जी का रामराज का मकसद सभी धर्मों का सम्मान करना था। हमने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के कारण आक्ट्राय पोस्ट को हटा दिया था। राज्य कर पर राहत देने के साथ किसानों की वस्तुओं से सभी करों को हटा दिया था। कोई भी हिंदू या मुस्लिम खतरे में नहीं है, यह सिर्फ हवा बनाई जा रही है।
13 मार्च को संसद में अभ्यर्थियों और लाठीचार्ज की बात रखेंगे
डाॅ. फारूक अब्दुल्ला अभ्यर्थियों के साथ मुलाकात में आश्वासन दिया कि 13 मार्च को संसद सत्र शुरू हो रहा है और वह पूरी कोशिश करेंगे कि उसमें उनकी बात रखी जाए। उन्होंने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की। अभ्यर्थियों ने बताया कि ब्लैकलिस्ट कंपनी को भर्ती प्रक्रिया का ठेका देने के लगातार विरोध के बावजूद जेकेएसएसबी उसी कंपनी से परीक्षाएं आयोजित करवा रहा है।