Operation Sindoor: पानी रोका तो कभी छोड़ा, भनक लगने से पहले बोल दिया धावा; पहलगाम के बाद भारत का पलटवार
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सीधी सैन्य कार्रवाई से पहले कूटनीतिक और जल-रणनीतिक कदमों के जरिए दबाव बनाया। इसके बाद अचानक एयर स्ट्राइक कर पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया।
विस्तार
पहलगाम हमले के बाद बदले की रणनीति
फिर अचानक हमला कर पाकिस्तान व पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर धावा बोलकर न सिर्फ शौर्य दिखाया, बल्कि कूटनीति से पड़ोसी को चित भी कर दिया।पहलगाम हमले के अगले दिन भारत ने सिंधू जल संधि को स्थगित किया। इसके बाद चार मई को चिनाब दरिया पर बने बगलिहार और सलाल डैम को बंद कर कभी पानी रोका तो कभी अचानक पानी छोड़ा दिया।
भारत के इस रुख के बाद कहा जाने लगा कि वह इस बार पाकिस्तान पर मिलिट्री एक्शन की बजाय वाटर या आर्थिक स्ट्राइक करेगा। देश में होने वाली माक ड्रिल से कुछ घंटे पहले पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया।
ऑपरेशन सिंदूर से पहले योजनाबद्ध तैयारी
बिग्रेडियर हर चरण सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि ताकतवर देश इस तरह से बड़े कार्रवाई को अंजाम देते है। वर्तमान समय में सीधा हमला करना कुशल रणनीति नहीं है। अपने दुश्मन को बहु मोर्चा पर चोट देनी होती है। पहलगाम हमले के बाद भारत इसी रणनीति को अपनाया।
यह खबर भी पढ़ें: Operation Sindoor: धमाका हुआ था तब आंख खुली, फिर तो लगा अब कई रातों की नींद उड़ गई; धमाके से कांपा अखनूर
सिंधू जल संधी और पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करना भारत की बड़ी कूटनीतिक पहल थी। ऑपरेशन सिंदूर के पहले इस तरह की अलग-अलग योजनाओं को अपनाया, ताकि पाकिस्तान को हर मोर्चे पर विफल किया जा सके। रक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि इससे पहले सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान कयास लगा रहा था कि इस बार हमला समुद्री मार्ग से होगा, क्योंकि अरब सागर में भारत ने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में ड्रिल शुरू की थी।