जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट समेत सभी अदालतों में 15 मई तक ऑनलाइन सुनवाई, इस तरह मिलेगी हर जानकारी
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उच्च न्यायालयों समेत सभी अदालतों में 15 मई तक अब ऑनलाइन ही सुनवाई होगी। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं, वादियों और वकीलों के क्लर्कों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। हाईकोर्ट के दोनों विंगों के रजिस्ट्रार मुकदमों से संबंधित सूचना ई-मेल और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर अधिवक्ताओं और वादियों को देंगे। इस बारे में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल ने आदेश जारी कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि किसी भी सूचीबद्ध मामले की ऑफलाइन सुनवाई खंडपीठ के विवेक के अधीन होगी। अनुभागों, कार्यालयों और न्यायालयों में अधिकारियों की उपस्थिति रोटेशन के आधार पर 50 प्रतिशत रहेगी। रोस्टर के तहत जो अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं होंगे उन्हें स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। वे टेलीफोन पर उपलब्ध रहेंगे। हाईकोर्ट के दोनों विंग के रजिस्ट्रार शनिवार और रविवार को पूरे हाईकोर्ट परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करवाएंगे। हाईकोर्ट में सुनवाई की अनुमति मिलने पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी और वकील विशेष सावधानी बरतेंगे।
आदेश के अनुसार अत्यंत जरूरी मामले में अधिवक्ता को ऑफलाइन सुनवाई की अनुमति मिलेगी वह इसी आधार पर ही कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कोर्ट में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा ऑनलाइन सुनवाई के दौरान परिसर में वकीलों के प्रवेश की आवश्यकता नहीं है। जिला और सत्र न्यायाधीश उनके संबंधित न्यायालयों के मामलों को उनके अधीनस्थ न्यायालयों को वर्गीकृत करेंगे, जिन्हें ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई के लिए लिया जाएगा। किसी भी सूचीबद्ध मामले के संबंध में प्रत्यक्ष सुनवाई न्यायाधीश के संतोष से संबंधित विषय पर होगी।
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