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Jammu News: एम्स में नौ वर्षीय बच्चे की जटिल क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन सर्जरी सफल

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Complex craniovertebral junction surgery on nine-year-old child successful at AIIMS
बार-बार स्ट्रोक जैसे लक्षणों से पीड़ित बच्चे को मिली नई जिंदगी, अब फिर जाने लगा स्कूल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान विजयपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक नौ वर्षीय बच्चे की जटिल क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन स्टेबलाइजेशन सर्जरी सफलतापूर्वक कर नया मुकाम हासिल किया है। बच्चा बार-बार स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों से पीड़ित था। सफल ऑपरेशन के बाद अब बच्चा स्वस्थ है और दोबारा स्कूल जाना शुरू कर चुका है।
एम्स के डॉक्टरों के अनुसार बच्चे में बार-बार कमजोरी, न्यूरोलॉजिकल परेशानी जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। बाल रोग विभाग में जांच के दौरान पता चला कि ऊपरी सर्वाइकल स्पाइन में अस्थिरता के कारण वर्टिब्रल आर्टरी (मस्तिष्क के पिछले हिस्से को रक्त पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण धमनी) पर दबाव पड़ रहा था, जिससे स्ट्रोक जैसे लक्षण उत्पन्न हो रहे थे।
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इसके बाद बच्चे को न्यूरोसर्जरी विभाग को रेफर किया गया, जहां विस्तृत जांच और सर्जरी की योजना तैयार की गई। न्यूरोसर्जरी टीम ने खोपड़ी और ऊपरी गर्दन की हड्डियों के बीच फिक्सेशन कर क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन को स्थिर किया, जिससे धमनी पर दबाव कम हुआ और भविष्य में न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का खतरा घटा।
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यह जटिल सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभाग के कार्यवाहक प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शौर्य दरबारी ने डॉ. कनव गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर के सहयोग से की। ऑपरेशन और इसके बाद की रिकवरी पूरी तरह सफल रही।
बेहद संवेदनशील होती है यह सर्जरी
डॉ. शौर्य दरबारी ने बताया कि क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन सर्जरी बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि यह क्षेत्र ब्रेनस्टेम, ऊपरी स्पाइनल कॉर्ड और वर्टिब्रल आर्टरी जैसे महत्वपूर्ण अंगों के बेहद करीब होता है। बच्चों में हड्डियों का छोटा आकार और जन्मजात संरचनात्मक बदलाव इस तरह की सर्जरी को और चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। समय पर पहचान, आधुनिक इमेजिंग, बेहतर तकनीक और विशेषज्ञ टीम के समन्वय से ऐसे मामलों में बेहतर परिणाम संभव हैं। इस मामले में बाल रोग विभाग की डॉ. समृति गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम ने प्रारंभिक जांच और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। वहीं एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. रक्षा कुंडल और डॉ. संदीपिका डोगरा ने ऑपरेशन के दौरान विशेष एनेस्थीसिया प्रबंधन किया।

निदेशक ने विशेषज्ञों की टीम को दी बधाई
एम्स के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने सफल सर्जरी के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान में जटिल न्यूरोसर्जिकल सेवाओं की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक उपकरणों, जैसे इंट्राऑपरेटिव न्यूरोमॉनिटरिंग और सर्जिकल नेविगेशन सिस्टम की उपलब्धता से ऐसी कठिन सर्जरी अधिक सुरक्षित तरीके से करना संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि एम्स में क्रेनियोवर्टिब्रल जंक्शन और जटिल स्पाइन सर्जरी सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि बच्चों में बार-बार होने वाली अज्ञात न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सके।
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