रामबन में बड़ा हादसा: गुल रोड पर बस पलटने से मचा कोहराम, कंडक्टर की मौत, 26 यात्री घायल; राहत-बचाव कार्य जारी
रामबन के गुल रोड पर एक बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई और 26 यात्री घायल हो गए।
विस्तार
जिले में दलवाह क्षेत्र के चंडियाल मोड़ के पास मंगलवार सुबह बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में बस के कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। 26 लोग घायल हुए हैं। 32 सीटर बस में 27 लोग सवार थे। हादसे का कारण मोड़ पर अचानक से ब्रेक लगाना बताया जा रहा है।
हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। यात्री बस धरम गांव से रामबन की तरफ आ रही थी। रास्ते में चंडियाल मोड़ के पास एक तीखा मोड़ है। बताया जाता है कि सड़क पर पानी होने की वजह से फिसलन थी। जैसे ही चालक ने ब्रेक लगाया तो बस पर से नियंत्रण से बाहर हो गई। इससे वह सड़क पर ही पलट गई।
हादसे के समय कंडक्टर अंशु सिंह निवासी पंगारा, उधमपुर बस में दरवाजे के पास खड़ा था। बस पलटते ही वह नीचे दब गया। इससे उनकी मौके पर ही माैत हो गई। बस चालक राकेश सिंह और बाकी यात्रियों को भी चोटें आई हैं। सभी घायल स्थानीय निवासी हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संगलदान पहुंचाया। सात घायलों का इलाज संगलदान में चल रहा है। 19 को जिला अस्पताल रामबन भेजा गया। यहां से गंभीर घायल मोहम्मद फारूक निवासी भिमडासा को जीएमसी जम्मू रेफर किया गया है।
क्रैश बैरियर से बच गईं 26 जिंदगियां
धरम की पहाड़ियों से जम्मू की ओर सोमवार सुबह शुरू हुआ सफर हर दिन की तरह सामान्य था। कोई परिवार के साथ था तो कोई जरूरी काम से जम्मू जा रहा था। बुजुर्ग शॉल में लिपटे बैठे थे तो बच्चे खिड़कियों से बाहर झांक रहे थे। संगलदान के पास गूल–रामबन सड़क की फिसलन भरे मोड़ पर सफर कुछ ही पलों में दहशत में बदल गया। हादसे में सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर ने 26 लोगों की जिंदगी बचा ली। वही बैरियर बस को खाई में गिरने से रोक गया जिसे अब यात्री जिंदगी और मौत के बीच की दीवार बता रहे हैं। सुबह करीब 10 बजे दलवाह क्षेत्र के चंदियाल मोड़ के पास यात्रियों से भरी बस अचानक फिसलकर सड़क पर पलट गई। इस दाैरान बस क्रैश बैरियर से टकराई। गनीमत रही कि बस खाई में नहीं गिरी।
ग्रामीणों ने बस की खिड़कियां तोड़कर घायलों को निकाला
हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने बस की खिड़कियां तोड़ीं, घायलों को बाहर निकाला और निजी वाहनों व एंबुलेंस से पीएचसी संगलदान और जिला अस्पताल पहुंचाया। लोगों में अब भी दहशत बाकी है।
बेटा बार-बार पूछ रहा था... क्या खाई में गिर जाएंगे
तोशी देवी ने कहा, बस के सड़क पर घिसटने की आवाज कानों में गूंज रही है। मेरा बेटा बार-बार पूछ रहा था कि क्या हम खाई में गिर जाएंगे। लगता है हमें दूसरी जिंदगी मिली है।