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शिक्षा: एक साथ बोर्ड परीक्षाओं का ज्यादा असर विंटर जोन के विद्यार्थियों पर, जानें क्या रहेंगी चुनौतियां
Fri, 02 Sep 2022 12:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अरुण कुमार, जम्मू
अरुण कुमार, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 02 Sep 2022 12:15 PM IST
सार
अब बोर्ड परीक्षाओं से पहले सर्दियों की छुट्टियां होंगी। ऐसे में बच्चों को तीन महीने बिना स्कूल गए खुद बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी, जो उनके लिए चुनौती होगा।
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school (File)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू व कश्मीर संभाग में एक साथ बोर्ड परीक्षा होने का सबसे ज्यादा असर विंटर जोन के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा। अब बोर्ड परीक्षाओं से पहले सर्दियों की छुट्टियां होंगी। ऐसे में बच्चों को तीन महीने बिना स्कूल गए खुद बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी, जो उनके लिए चुनौती होगा। इतना ही नहीं पहले की तरह उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी समय नहीं मिल पाएगा। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग का दावा है कि सर्दियों की छुट्टियों में बोर्ड कक्षाओं के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाएगी। ये दावा कितना व्यावहारिक होगा, ये तो समय ही बताएगा।
नई व्यवस्था बच्चों के लिए बड़ी चुनौती इसलिए होगी, क्योंकि इससे पहले की व्यवस्था में परीक्षा के बाद छुट्टियां होती थीं, जिससे ये बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं व अगली कक्षा की तैयारी के लिए जम्मू, दिल्ली जाते थे, लेकिन अब इन्हें अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना होगी। हालांकि नई व्यवस्था शुरू होने से अब विंटर जोन के बच्चों को समर जोन, सीबीएसई व अन्य राज्यों के बोर्ड में दाखिले के लिए छह महीने का इंतजार भी नहीं करना होगा। वहीं समर जोन के बच्चे भी विंटर जोन में दाखिला ले सकेंगे।
बोर्ड पर कम होगा दबाव
नई व्यवस्था में एक साथ बोर्ड परीक्षाएं होने से जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पर दबाव कम होगा। बोर्ड को एक बार ही परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करनी होगी, जिससे उनका राजस्व भी कम खर्च होगा। एक साथ परिणाम जारी किया जाएगा। पहले हर पांच महीने के बाद परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करनी पड़ती थी।
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दाखिले के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड व एक समान शैक्षणिक कैलेंडर की कमेटी की चेयरमैन रही सेवानिवृत्त प्रो. वीणा पंडिता ने कहा कि नई व्यवस्था परीक्षा सुधार में बड़ा कदम है। एक साथ बोर्ड परीक्षा होने से परिणाम, पढ़ाई और दाखिले भी एक साथ होंगे। बच्चों को अगली कक्षा में दाखिले के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। जबकि पुरानी व्यवस्था में काफी इंतजार करना पड़ता था। जेके बोर्ड भी पूरे वर्ष ही परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी में लगा रहता था, लेकिन अब इससे भी निजात मिलेगी।
क्या बदला पहले और अब पहले
एक साथ परीक्षा, दाखिला और पढ़ाई होगी। प्रतियोगी परीक्षा के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। समर जोन व देश के किसी भी बोर्ड में दाखिले के लिए इंतजार खत्म होगा। अब बोर्ड को बार-बार परीक्षा के आयोजन की तैयार नहीं करनी पड़ेगी। समर जोन के बच्चे भी विंटर जोन के स्कूल में दाखिला ले सकेंगे।
विंटर जोन में सर्दियों के समय लगभग तीन महीने छुट्टियां रहती हैं। ऐसे में नई व्यवस्था में बोर्ड कक्षाओं के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे, ताकि वह नियमित रूप से पढ़ाई से जुड़े रहें। -अलोक कुमार, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग।
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नई व्यवस्था बच्चों के लिए बड़ी चुनौती इसलिए होगी, क्योंकि इससे पहले की व्यवस्था में परीक्षा के बाद छुट्टियां होती थीं, जिससे ये बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं व अगली कक्षा की तैयारी के लिए जम्मू, दिल्ली जाते थे, लेकिन अब इन्हें अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना होगी। हालांकि नई व्यवस्था शुरू होने से अब विंटर जोन के बच्चों को समर जोन, सीबीएसई व अन्य राज्यों के बोर्ड में दाखिले के लिए छह महीने का इंतजार भी नहीं करना होगा। वहीं समर जोन के बच्चे भी विंटर जोन में दाखिला ले सकेंगे।
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बोर्ड पर कम होगा दबाव
नई व्यवस्था में एक साथ बोर्ड परीक्षाएं होने से जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड पर दबाव कम होगा। बोर्ड को एक बार ही परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करनी होगी, जिससे उनका राजस्व भी कम खर्च होगा। एक साथ परिणाम जारी किया जाएगा। पहले हर पांच महीने के बाद परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करनी पड़ती थी।
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दाखिले के लिए अब इंतजार नहीं करना होगा
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड व एक समान शैक्षणिक कैलेंडर की कमेटी की चेयरमैन रही सेवानिवृत्त प्रो. वीणा पंडिता ने कहा कि नई व्यवस्था परीक्षा सुधार में बड़ा कदम है। एक साथ बोर्ड परीक्षा होने से परिणाम, पढ़ाई और दाखिले भी एक साथ होंगे। बच्चों को अगली कक्षा में दाखिले के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। जबकि पुरानी व्यवस्था में काफी इंतजार करना पड़ता था। जेके बोर्ड भी पूरे वर्ष ही परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी में लगा रहता था, लेकिन अब इससे भी निजात मिलेगी।
क्या बदला पहले और अब पहले
- विंटर और समर जोन की परीक्षाएं, परिणाम, दाखिले, पढ़ाई अलग-अलग होती थी।
- विंटर जोन में बोर्ड परीक्षा के बाद बच्चों के पास तीन महीने का समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए होता था।
- समर जोन, सीबीएसई व अन्य राज्य बोर्ड में दाखिले के लिए छह महीने का इंतजार करना पड़ता था।
- बोर्ड को हर पांच महीने बाद परीक्षा का आयोजन करना पड़ता था।
- समर जोन के बच्चे विंटर में दाखिला नहीं ले पाते थे।
एक साथ परीक्षा, दाखिला और पढ़ाई होगी। प्रतियोगी परीक्षा के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। समर जोन व देश के किसी भी बोर्ड में दाखिले के लिए इंतजार खत्म होगा। अब बोर्ड को बार-बार परीक्षा के आयोजन की तैयार नहीं करनी पड़ेगी। समर जोन के बच्चे भी विंटर जोन के स्कूल में दाखिला ले सकेंगे।
विंटर जोन में सर्दियों के समय लगभग तीन महीने छुट्टियां रहती हैं। ऐसे में नई व्यवस्था में बोर्ड कक्षाओं के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाएंगे, ताकि वह नियमित रूप से पढ़ाई से जुड़े रहें। -अलोक कुमार, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग।