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1977 का इतिहास दोहराएगी नेकां: उमर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 08 Dec 2014 01:04 AM IST
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नेशनल कांफ्रेंस की जनसभाओं और रैलियों में एकत्र होने वाली भीड़ से साफ हो गया है कि चुनाव होने के बाद नेशनल कांफ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उबरेगी। ऐसा देख विपक्षी दल पीडीपी बौखला गई है और उनके लिए यह किसी शॉक से कम नहीं है।
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रविवार को चुनाव प्रचार करते हुए उमर ने टंगमार्ग, बीरवाह आद्यैर राजपोरा में चुनावी जनसभाएं की। उन्होंने कहा कि अगली सरकार नेशनल कांफ्रेंस ही बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की बदौलत ही ऐसा हो पाया है कि उनके साथ लोग बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं।
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जिस तरह से पार्टी के लोगों ने लोगों को पार्टी की नीतियों के बारे जागरूक किया है, उससे जनता को पता चल गया है कि राज्य का विकास सिर्फ नेशनल कांफ्रेंस ही कर सकता है। सिर्फ एनसी ही राज्य के लोगों को उनका हक दिला सकती है।
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उन्होंने कहा कि यदि राज्य को सांप्रदायिक ताकतों से बचाना है, यदि राज्य के तीनों खित्तों में शांति और सद्भाव बनाकर रखना है और यदि राज्य की राजनीति को जिंदा रखना है तो उनका सत्ता में आना जरूरी है। उमर ने यह भी कहा कि वर्ष 2014 और 1977 के चुनाव एक जैसे हैं।
1977 में शेख अब्दुल्ला बीमार थे और चुनाव से दूर रहे थे। सबने कहा था कि नेशनल कांफ्रेंस चुनाव में बुरी तरह से हार जाएगी। लेकिन, पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया और सरकार बनाई।
इसी तरह इस बार पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला बीमारी के चलते प्रचार से दूर हैं और विपक्षी पार्टियां और राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि चुनाव में एनसी हार जाएगी। 23 दिसंबर को पता चलेगा कि पार्टी ने क्या किया है।
पार्टी 1977 का इतिहास दोहराएगी। पार्टी ने चुनाव में अपने ईमानदार और साफ सुथरी छवि वाले होनहार प्रत्याशियों को उतारा है, जो लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उमर ने अनुच्छेद 370 पर भी अपना स्टैंड बरकरार रखते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर हटाने नहीं दिया जाएगा। यह जम्मू-कश्मीर हैं, यहां पार्टी ने अपने राजनीतिक इतिहास को अपना खून देकर जिंदा रखा है।