केंद्र अपनी कथनी को करनी में करके दिखाएं: उमर
बीरवाह विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को जनसभा को संबोधित करते हुए उमर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए रियासती सरकार की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए 44 हजार करोड़ के प्रस्ताव पर केंद्र अब तक फैसला नहीं ले पाया है।
यहीं वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिरी केंद्र को ऐसा करने से कौन रोक रहा है। केंद्र सरकार को अपनी कथनी को करनी में बदलते हुए बाढ़ प्रभावितों की मदद करनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावितों के लिए 44 हजार करोड़ का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के बाढ़ प्रभावित हजारों लोग केंद्र से मिलने वाली मदद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय में यहां कश्मीर के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए बाढ़ का सामना किया।
वहीं केंद्र सरकार के रवैये से उन्हें अब परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रियासत के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने रियासत में उपलब्ध स्रोतों से पूरी कोशिश की कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की जाए।
सीएम रिलीफ फंड से बाढ़ प्रभावितों के लिए ठंड में वैकल्पिक बसेरा का प्रबंध किया गया, लेकिन बाढ़ के बाद अब जरूरत है कि लोगों का पुनर्वास हो और क्षतिग्रस्त संपत्ति का पुनर्निर्माण हो इसके लिए केंद्र की सहायता की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पीडीपी जैसे दलों ने बाढ़ से लोगों की पेश आ रही मुश्किल के समय में सियासत की और जल्द चुनाव की मांग कर बाढ़ प्रभावितों के जख्मों को और कुरेदा।