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उमर अब्दुल्ला का प्रधानमंत्री पर पलटवार, बोले पीएम मोदी को इतिहास पढ़ने की जरूरत
Tue, 02 Apr 2019 02:57 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 02 Apr 2019 02:57 PM IST
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- फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर के नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पट्टन में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि "मैंने यहां के लोगों से वादा किया है, असेंबली इलेक्शन में नेशनल कांफ्रेंस को मैंडेट मिले, हम पब्लिक सेफ्टी एक्ट को कानून के दायरे से बाहर निकाल देंगे।"
उमर ने सोमवार को दिए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि "मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया। जो हकीकत है वो बयान की है। ये हकीकत है की विलय के बाद से 1965 तक हमारा अलग सद्र-ए-रियासत था। हमने ये बात पहली बार नहीं की है जब हम एनडीए हकूमत का भी हिस्सा थे तब भी हम प्री-1953 वाली स्थिति की मांग तबसे करते आए हैं। आज भी हम वही मांग कर रहे हैं।
उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि "शायद ही मेरे द्वारा बांदीपुरा में दिए गए भाषण को रियासत(जम्मू-कश्मीर) से बाहर कोई सुनता लेकिन प्रधानमंत्री ने उसे देश में क्या पूरे विश्व को सुना दिखा और उसका इस्तेमाल कर बाकी पार्टियों पर निशाना साधा।"
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उमर ने कहा कि पीएम मोदी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है क्योंकि जिन शर्तों पर जम्मू-कश्मीर की रियासत और भारत का विलय हुआ था हमने तो उनकी ही बात की है नाकि कोई गलत बात की है।"
अनुछेद 370 और 35ए को बचाने के लिए किसी का भी देंगे साथ
उमर ने महबूब मुफ्ती के बयान को लेकर कहा कि "अनुछेद 370 और 35ए को बचाने के लिए हम किसी का भी साथ देने को तैयार है। चंद महीने पहले जब अलताफ बुखारी को मुख्यमंत्री बनाने की बात हुई थी वो भी 370 को बचाने के लिए ही की थी। आगे भी अगर कोई कदम उठाने की जरूरत पड़ी तो वो भी पीछे नहीं हटेंगे। उमर ने कहा कि हम खुद सरकार बानाएंगे। हम प्रदेश में गठबंधन की सरकार नहीं चाहते।
उमर ने यह दिया था बयान
उमर अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव के लिए सभा करते हुए सोमवार को बांदीपोरा में कहा था कि "बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा। हमने उस वक्त अपने "सदर-ए-रियासत" और "वजीर-ए-आजम" भी रखा था, इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे।"
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उमर ने सोमवार को दिए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि "मैंने कोई गलत बयान नहीं दिया। जो हकीकत है वो बयान की है। ये हकीकत है की विलय के बाद से 1965 तक हमारा अलग सद्र-ए-रियासत था। हमने ये बात पहली बार नहीं की है जब हम एनडीए हकूमत का भी हिस्सा थे तब भी हम प्री-1953 वाली स्थिति की मांग तबसे करते आए हैं। आज भी हम वही मांग कर रहे हैं।
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उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि "शायद ही मेरे द्वारा बांदीपुरा में दिए गए भाषण को रियासत(जम्मू-कश्मीर) से बाहर कोई सुनता लेकिन प्रधानमंत्री ने उसे देश में क्या पूरे विश्व को सुना दिखा और उसका इस्तेमाल कर बाकी पार्टियों पर निशाना साधा।"
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उमर ने कहा कि पीएम मोदी को इतिहास पढ़ने की जरूरत है क्योंकि जिन शर्तों पर जम्मू-कश्मीर की रियासत और भारत का विलय हुआ था हमने तो उनकी ही बात की है नाकि कोई गलत बात की है।"
अनुछेद 370 और 35ए को बचाने के लिए किसी का भी देंगे साथ
उमर ने महबूब मुफ्ती के बयान को लेकर कहा कि "अनुछेद 370 और 35ए को बचाने के लिए हम किसी का भी साथ देने को तैयार है। चंद महीने पहले जब अलताफ बुखारी को मुख्यमंत्री बनाने की बात हुई थी वो भी 370 को बचाने के लिए ही की थी। आगे भी अगर कोई कदम उठाने की जरूरत पड़ी तो वो भी पीछे नहीं हटेंगे। उमर ने कहा कि हम खुद सरकार बानाएंगे। हम प्रदेश में गठबंधन की सरकार नहीं चाहते।
उमर ने यह दिया था बयान
उमर अब्दुल्ला ने लोकसभा चुनाव के लिए सभा करते हुए सोमवार को बांदीपोरा में कहा था कि "बाकी रियासत बिना शर्त के देश में मिले, पर हमने कहा कि हमारी अपनी पहचान होगी, अपना संविधान होगा। हमने उस वक्त अपने "सदर-ए-रियासत" और "वजीर-ए-आजम" भी रखा था, इंशाअल्लाह उसको भी हम वापस ले आएंगे।"
पीएम मोदी ने उमर के बयान पर किया था पलटवार
पीएम मोदी ने उमर अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार करते हुए तेलंगाना में आयोजित रैली में कहा कि "कांग्रेस के एक बड़े सहयोगी दल, महागठबंधन के सबसे तगड़े साथी, नेशनल कांफ्रेंस ने बयान दिया है कि कश्मीर में अलग पीएम होना चाहिए, आप मुझे बताइए, कांग्रेस के इस साथी पार्टी की ये मांग आपको मंजूर है?"
पीएम मोदी ने कहा कि "वो कहते हैं कि घड़ी की सुई पीछे ले जाएंगे और 1953 के पहले की स्थिति पैदा करेंगे और हिंदुस्तान में दो पीएम होंगे, कश्मीर का अलग होगा। जवाब कांग्रेस को देना पड़ेगा, क्या कारण है कि उनका साथी दल इस प्रकार की बात बोलने की हिम्मत कर रहा है?"