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अब इस बड़े नेता के कांग्रेस में शामिल होने की खबर, बनाए जा सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:11 PM IST
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कांग्रेस में होंगे शामिल
- फोटो : डेमो फोटो
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जम्मू कश्मीर राज्य में पीडीपी-भाजपा की गठबंधन सरकार से नाराजगी और कश्मीर हिंसा का तर्क देकर पीडीपी से अलग हुए श्रीनगर के पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा कांग्रेस से नई सियासी पारी शुरू कर सकते हैं। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों से खबर आई है कि कर्रा को घाटी में कांग्रेस का चेहरा बनाने की तैयारी है।
वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को कर्रा के इस्तीफे से खाली हुई अनंतनाग संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है।कांग्रेस के भरोसेमंद सूत्रों का दावा है कि कर्रा को पार्टी में शामिल करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। पीडीपी के संस्थापक सदस्य रहे कर्रा को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
कांग्रेस के लिए कर्रा को पार्टी में शामिल करना दोहरा लाभ दिला सकता है। एक तरफ पार्टी को घाटी से स्थापित सियासी चेहरा मिल जाएगा तो दूसरी तरफ संसदीय सीट पर जीत दर्ज करना भी पार्टी के लिए पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
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वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को कर्रा के इस्तीफे से खाली हुई अनंतनाग संसदीय सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है।कांग्रेस के भरोसेमंद सूत्रों का दावा है कि कर्रा को पार्टी में शामिल करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। पीडीपी के संस्थापक सदस्य रहे कर्रा को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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कांग्रेस के लिए कर्रा को पार्टी में शामिल करना दोहरा लाभ दिला सकता है। एक तरफ पार्टी को घाटी से स्थापित सियासी चेहरा मिल जाएगा तो दूसरी तरफ संसदीय सीट पर जीत दर्ज करना भी पार्टी के लिए पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
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पीडीपी-भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं कर्रा
सीएम महबूबा मुफ्ती के साथ डिप्टी सीएम
- फोटो : Amar Ujala
तारिक हमिद कर्रा पीडीपी-कांग्रेस सरकार के दौरान मंत्री भी रहे हैं। लेकिन भाजपा के साथ पीडीपी के गठबंधन के बाद से कर्रा के पार्टी से मतभेद गहरा गए। इस पर जब जुलाई में घाटी में हिंसा शुरू हुई तो कर्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दी।
एक समय माना जा रहा था कि कर्रा सहित पार्टी के कई अन्य चेहरे मिलकर नया सियासी दल बना सकते हैं। कश्मीर हिंसा के दौरान मौतों को लेकर कर्रा ने सरकार पर हालात काबू करने में विफल रहने का आरोप लगाया और पार्टी सहित लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
एक समय माना जा रहा था कि कर्रा सहित पार्टी के कई अन्य चेहरे मिलकर नया सियासी दल बना सकते हैं। कश्मीर हिंसा के दौरान मौतों को लेकर कर्रा ने सरकार पर हालात काबू करने में विफल रहने का आरोप लगाया और पार्टी सहित लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।