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J&K: बाहरी लोगों को इंडस्ट्रियल एस्टेट की अनुमति नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 21 Jun 2016 11:29 PM IST
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उद्योग
- फोटो : Demo Pic.
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पिछले कई दिनों से चल रहे हंगामे के बीच राज्य सरकार ने मंगलवार को नई औद्योगिक नीति में बदलाव कर दिया। अब नई नीति के तहत बाहरी लोगों को राज्य में निजी औद्योगिक एस्टेट तथा औद्योगिक पार्क विकसित करने की अनुमति नहीं होगी। केवल स्टेट सब्जेक्ट वालों को ही यह सुविधा मिलेगी।
गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर पिछले कुछ महीनों से जबर्दस्त हंगामा चल रहा है। विपक्ष के साथ ही अलगाववादी राज्य के विशेष दर्जे से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए सड़क से लेकर विधानसभा तक में हंगामा करते रहे हैं। बाद में सरकार ने नीति की समीक्षा करने की बात कही थी। सदन में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह विश्वास दिलाया था कि राज्य के विशेष दर्जे से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव की ओर से मंगलवार की शाम को जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए औद्योगिक नीति 2016 के पैरा 2.11.2 को हटा दिया गया है।
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आदेश में कहा गया है कि राज्य के केवल निजी प्रमोटरों को (स्थानीय औद्योगिक संघों सहित) ही केवल निजी औद्योगिक एस्टेट, पार्क विकसित करने की अनुमति होगी। यह कम से कम पांच एकड़ जमीन पर होगा।
आदेश में कहा गया है कि सरकार राज्य में औद्योगिक एस्टेट और निवेश को आकर्षित करने के लिए अुनूकूल वातावरण तैयार करेगी। इसमें इस बात का ख्याल रखा जाएगा यह राज्य के मौजूदा प्रशासनिक व्यवहार, मानदंडों तथा राज्य के संविधान के अनुरूप हो।
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गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर पिछले कुछ महीनों से जबर्दस्त हंगामा चल रहा है। विपक्ष के साथ ही अलगाववादी राज्य के विशेष दर्जे से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए सड़क से लेकर विधानसभा तक में हंगामा करते रहे हैं। बाद में सरकार ने नीति की समीक्षा करने की बात कही थी। सदन में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यह विश्वास दिलाया था कि राज्य के विशेष दर्जे से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
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उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव की ओर से मंगलवार की शाम को जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए औद्योगिक नीति 2016 के पैरा 2.11.2 को हटा दिया गया है।
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आदेश में कहा गया है कि राज्य के केवल निजी प्रमोटरों को (स्थानीय औद्योगिक संघों सहित) ही केवल निजी औद्योगिक एस्टेट, पार्क विकसित करने की अनुमति होगी। यह कम से कम पांच एकड़ जमीन पर होगा।
आदेश में कहा गया है कि सरकार राज्य में औद्योगिक एस्टेट और निवेश को आकर्षित करने के लिए अुनूकूल वातावरण तैयार करेगी। इसमें इस बात का ख्याल रखा जाएगा यह राज्य के मौजूदा प्रशासनिक व्यवहार, मानदंडों तथा राज्य के संविधान के अनुरूप हो।