राहत सामग्री लाने पर अब एनओसी की जरूरत नहीं
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उमर ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामाग्री लेकर आ रही संस्थाओं, ग्रुपों ओर लोगों को अब एनओसी की जरुरत नहीं पड़ेगी। राहत लेकर आ रही संस्थाओं को खुद यह प्रमाणित करना होगा करना होगा कि वे जो सामान लेकर आ रहे हैं उसे बाजार में नहीं बेचा जाएगा।
राज्य सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब हाल ही में जगह-जगह पर प्रशासन द्वारा रोकी गई राहत सामाग्री के बाद सरकार को आलोचनाओं का सामना करन पड़ा था। हाल ही राहत सामाग्री लाने वालों को दिल्ली के आसवासीय कमिश्नर या फिर श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर से एक एनओसी लेटर लेना होता था।
ट्विटर अकाउंट के जरिए की घोषणा
उमर अब्दुल्ला ने आज ट्विटर अकाउंट के जरिए कहा कि जो संस्था, ग्रुप और जो लोग सच में राहत सामान लेकर आ रहे हैं। उन्हें किसी भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्हें इस इस राहत सामाग्री को स्वंय से प्रमाणित करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि कुछ लोग इस प्रवधान का दुरुपयोग कर सकते हैं, लेकिन सरकार फिलहाल पीड़ित लोगों के पास तक अधिक से अधिक राहत सामान पहुंचाना चाह रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है। मैं पूरी गंभीरता से इस अड़चन को जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी दूर करना चाह रहा हूं।