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जम्मू-कश्मीर: एलओसी की सैन्य गतिविधियों पर सड़क-पानी की मार

Sun, 24 Mar 2019 03:38 PM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 24 Mar 2019 03:38 PM IST
सार

  • एलओसी पर सेना को पानी की सप्लाई की कोई फिक्स लाइन नहीं
  • पुंछ के मेंढर में ही हर रोज सेना के 10 वाहनों को पानी ढोना पड़ता है
  • सड़कों की खस्ता हालत भी आपरेशनल तैयारियों में पैदा कर रही दिक्कतें
  • जम्मू कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी है नियंत्रण रेखा

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no water or road connectivity on line of control in jammu for indian army and bsf
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल, अमर उजाला

विस्तार

जम्मू में नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय जवानों के लिए उस पार बैठे आतंकी और पाकिस्तानी सेना ही चुनौती नहीं हैं, पानी की सप्लाई, सड़कों की बदहाली और न के बराबर ट्रांसपोर्ट सुविधा भी बड़ी चुनौती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि नियंत्रण रेखा पर सैन्य गतिविधियों पर खराब सड़कों और पानी सप्लाई की मार पड़ रही है। एलओसी पर सेना को पानी मुहैया कराने के लिए कोई फिक्स लाइन नहीं है। 
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जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर में एलओसी का कुल क्षेत्र 740 किलोमीटर है। रियासत के कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, राजोरी, पुंछ और जम्मू का कुछ हिस्सा एलओसी के साथ लगता है। इस पूरे क्षेत्र में करीब 40 किलोमीटर ही ऐसा एरिया होगा, जहां पर पानी की सप्लाई है। बाकी जगहों पर हर दिन सेना अपने टैंकरों से पानी पहुंचाती है। सबसे अधिक खतरनाक एलओसी का एरिया पुंछ जिले का मेंढर इलाका है। 
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मेंढर में ही पाकिस्तान ने बैट हमला कर दो भारतीय जवानों के सिर काट लिए थे। इस इलाके में भी एलओसी पर पानी की सप्लाई नहीं है। हर रोज सेना के 10 वाहन सिर्फ पानी ढोने में लग जाते हैं। यही नहीं, एलओसी के अंत तक पहुंचने के लिए सड़कें नहीं हैं। तीन से चार किलोमीटर तक प्लेन इलाकों में भी सेना को पैदल चलकर ही पहुंचना पड़ता है। 
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दुश्मन से लड़ें या अभावों से
एलओसी पर सेना को हर रोज सीजफायर के उल्लंघन जैसी घटनाओं से जूझना पड़ रहा है। हर समय आतंकियों की घुसपैठ रोकने की चुनौती रहती है। ऐसे में सेना की आपरेशनल तैयारियों पर पानी और सड़क की मार पड़ रही है। सेना भी मानती है कि हथियारों की सप्लाई, सैनिकों के आने-जाने, उनके रहने के लिए ये सब चीजें जरूरी हैं। ट्रांसपोर्ट सेवा बेहतर नहीं होना और पानी की कोई फिक्स लाइन न होना बड़ी परेशानी है। वह दुश्मन से लड़ें या फिर इन अभावों से। 
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