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'कश्मीर से नहीं हटाई जाएगी धारा 370'
Updated Thu, 26 Feb 2015 02:54 PM IST
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सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।
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गृह राज्य मंत्री एचपी चौधरी ने आज राज्यसभा को बताया कि संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘इन्स्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ के आधार पर भारत संघ के साथ जम्मू एवं कश्मीर राज्य के बने रहने के लिए भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 बनाया गया था।
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इस प्रकार अनुच्छेद 370 भारत संघ के साथ जम्मू कश्मीर राज्य के मौजूदा संबंध को बनाए रखने का एक माध्यम है।चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस अनुच्छेद के माध्यम से केंद्रीय संसद को ‘इन्स्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ में या जम्मू कश्मीर राज्य सरकार की सहमति से बाद में शामिल किए गए निर्दिष्ट मामलों के संबंध में कानून लागू करने का अधिकार प्राप्त है।
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भाजपा ने घोषणापत्र में हटाने का किया था वादा?
लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के हटाने पर अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। पार्टी ने कहा था कि धारा 370 पर सभी पक्षों से बातचीत करेंगे और पार्टी धारा 370 के हटाने पर प्रतिबद्ध है।
क्या है अनुच्छेद 370-
भारतीय संविधान के तहत जम्मू कश्मीर का अलग संविधान है। इसी अनुच्छेद के तहत जम्मू कश्मीर को स्वायत्त राज्य का दर्जा मिला है और विशेष अधिकार मिले हैं।
इसके तहत विदेश, वित्त, रक्षा और दूरसंचार को छोड़कर बाकी विभागों में केंद्र का कानून लागू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है।
इसके तहत राज्य के बाहर का नागरकि संपत्ति भी नहीं खरीद सकता। आजादी के बाद से ही ये व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू है।
क्या है अनुच्छेद 370-
भारतीय संविधान के तहत जम्मू कश्मीर का अलग संविधान है। इसी अनुच्छेद के तहत जम्मू कश्मीर को स्वायत्त राज्य का दर्जा मिला है और विशेष अधिकार मिले हैं।
इसके तहत विदेश, वित्त, रक्षा और दूरसंचार को छोड़कर बाकी विभागों में केंद्र का कानून लागू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होती है।
इसके तहत राज्य के बाहर का नागरकि संपत्ति भी नहीं खरीद सकता। आजादी के बाद से ही ये व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू है।