नए सिरे से तैयार होगी परिवहन नीति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सरकार की ओर से तैयार की गई परिवहन नीति दोबारा से तैयार होगी, ताकि शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। नई नीति में विभाग आरएंडबी, पीडब्ल्यूडी, विदेशी कंपनियों की मदद लेगा। बहुत जल्द इसे लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
यह प्लान अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा, ताकि आने वाले साल में किसी प्रकार की कोई दिक्कत पैदा न हो। उल्लेखनीय है कि पुरानी नीति पूर्व सरकार लागू नहीं कर पाई थी। इसलिए अब नई सरकार अपने तरीके से इसे बनाकर लागू करना चाहती है।
परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि पूर्व सरकार ने हर एक योजना को बेतरतीब ढंग से बनाया। जिसको वह खुद ही नहीं चला पाए। शहर के लिए परिवहन नीति नए तरीके से बनाएगी। इसमें संबंधित तमाम विभागों को शामिल किया जाएगा।
आरएंडबी, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस, नगर निगम, जेडीए आदि को शामिल करके नई नीति बनाई जाएगी। पुरानी नीति के तहत बनाए जाने वाले सब वे और मेट्रो को भी शामिल किया जाएगा। कोहली का कहना है कि मेट्रो शहर की आवश्यकता है।
भूमिगत मेट्रो की संभावना
कोहली का कहना है कि जम्मू और श्रीनगर दोनों शहरों के आसपास के 30-40 किलोमीटर के लिए मेट्रो चलाई जा सकती है। इससे शहर में यातायात व्यवस्था नियंत्रित में लाई जा सकती है।
नई नीति में भूमिगत मेट्रो को प्रमुखता से रखा जाएगा। हालांकि इसमें कुछ परेशानियां आ सकती है, लेकिन संबंधित तमाम विभागों और विदेशी कंपनियों की मदद से इसे सफल बनाया जा सकता है।
एक फ्लाईओवर के सहारे जम्मू
जम्मू में एकमात्र फ्लाईओवर है। जो 90 के दशक में बनाया गया था। इसके बाद अब तक कोई नया फ्लाईओवर नहीं बन पाया। एक अन्य फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है, जो अभी एक साल तक तैयार होता नजर नहीं आता।
शहर में हर दिन एक अनुमान के मुताबिक पांच लाख वाहनों की मूवमेंट है। शहर में हर रोज 50 हजार यात्री वाहनों की मूवमेंट भी है।