सरकारी नौकरियों से जुड़ी बेहद अहम खबर
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वित्त, श्रम, रोजगार एवं संस्कृति मंत्री डा. हसीब द्राबू ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही नई भर्ती नीति तैयार करेगी।
विधान परिषद में सोमवार को नेकां सदस्य शौकत हुसेन गनेई और कांग्रेस सदस्य शाम लाल भगत के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि करीब 61 हजार अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने में नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ है।
अगर इन अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाता है तो सालाना करीब 2400 करोड़ की जरूरत पड़ेगी।
द्राबू ने कहा कि 31 जनवरी, 1994 तक विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत 56223 डेलीवेजरों में से 3660 को छोड़ अन्य सभी को नियमित कर दिया गया है।
61 हजार के लिए कोई नीति नहीं
हसीब द्राबू ने कहा कि शेष बचे 3660 डेलीवेजरों को भी नियमित करने के लिए हेल्परों के पद सृजित करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि 31 जनवरी, 1994 के बाद रियासत में 61000 कैजुअल और सीजनल लेबर के तौर पर विभिन्न विभागों में अस्थायी कर्मी लगा दिए गए हैं।
ऐसे कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई नियमित करने की नीति नहीं है। राज्य सरकार ने ऐसे मामलों पर गौर करने के लिए मंत्रियों पर आधारित हाई पावर कमेटी की घोषणा की है।
इसमें कुछ विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे, जो कि सरकार को अपनी सिफारिश देंगे।