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कोरोना परीक्षण में लापरवाही: संक्रमित बताए गए 32 बच्चे निकले निगेटिव, डॉक्टर निलंबित, बीएमओ से जवाब तलब

Thu, 30 Sep 2021 11:11 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 30 Sep 2021 11:11 PM IST
सार

राजोरी में चार दिन पहले थन्नामंडी के जिन 32 विद्यार्थियों को संक्रमित घोषित कर दिया गया था वह सभी कोरोना निगरानी केंद्र में हुए आरटीपीसीआर टेस्ट में निगेटिव पाए गए हैं।

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Negligence in corona test, 32 children said to be infected turned out to be negative in rajouri jammu
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू के राजोरी जिले में कोरोना टेस्टिंग में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। चार दिन पहले थन्नामंडी के जिन 32 विद्यार्थियों को संक्रमित घोषित कर दिया गया था वह सभी कोरोना निगरानी केंद्र में हुए आरटीपीसीआर टेस्ट में निगेटिव पाए गए। प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही पर नोडर अफसर दंत शल्य चिकित्सक डॉ. शबाब अहमद को निलंबित कर थन्नामंडी से हटाकर कोटरंका से संबद्ध कर दिया है। साथ ही दरहाल की बीएमओ को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया गया है।  

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कुछ दिन पहले ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर में दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ऑफ लाइन कक्षाएं लगाने के सशर्त निर्देश दिए थे। इन कक्षाओं में आने वाले बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण अनिवार्य था। जिन्होंने टीका नहीं लगवाया था उन्हें टेस्ट कराने के बाद कोरोना निगेटिव का प्रमाण पत्र दिखाना था। सभी बच्चों की स्कूल में सैंपलिंग की व्यवस्था की गई थी। 
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उपायुक्त राजेश कुमार शवन के अनुसार, 27 सितंबर को थन्नामंडी स्थित एक निजी स्कूल में डॉ. शबाब अहमद की मौजूदगी में विद्यार्थियों के रैपिड एंटीजन टेस्ट किए गए थे। इसमें 32 विद्यार्थियों को कोरोना-पॉजिटिव पाया गया। इन्हें तत्काल कोविड-केयर सेंटर प्लांगड़ में क्वारंटीन कर दिया गया। अगले दिन 28 सितंबर को जब इन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया तो सभी निगेटिव पाए गए। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डेंटल सर्जन एवं कोरोना के नोडल अफसर थन्नामंडी डॉक्टर शबाब अहमद को ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया। डीसी ने डॉ. शबाब को एडीसी कार्यालय कोटरंका से अटैच कर दिया है। इसके अलावा पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की चूक मानते हुए बीएमओ दरहाल को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब तलब किया है।

अभिभावकों में कड़ा रोष

पहले कोरोना पॉजिटिव और बाद में निगेटिव पाए गए बच्चों के अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कड़ा रोष है। अभिभावकों का कहना है कि अगर बच्चों के साथ इस तरह की लापरवाही होगी, कोविड-19 के नाम पर इस तरह से परेशान किया जाएगा तो उनके जेहन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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