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Jammu News: ड्रग नेटवर्क की जांच अधूरी, एनडीपीएस कोर्ट का जमानत से इनकार
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जम्मू। एनडीपीएस मामलों के स्पेशल जज ने अहमद नगर नारकोटिक्स केस में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। ड्रग नेटवर्क की जांच अधूरी होने का हवाला देते हुए फैसला सुनाया। कहा कि जांच शुरुआती और अहम स्टेज पर है।
स्पेशल जज विनोद कुमार ने राजोरी (हालिया निवासी अहमदनगर, श्रीनगर) के मोहम्मद इरफान कसाना की अर्जी पर यह फैसला दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 मई को अहमद नगर थाने की टीम ने सहआरोपी वसीम अहमद पर्रे को पकड़कर प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया था। अभियोजन के अनुसार वसीम आरोपी से नशा खरीदता था और स्कूटर पर मौके पर पहुंचा था। आरोप है कि उससे टैबलेट और निशानदेही पर कैनेबिस पाउडर (भांग) जैसा पदार्थ और टैबलेट मिले।
आरोपी के वकील ने आवेदक के मजदूर होने और उसे झूठा फंसाने की दलील दी। कहा कि बरामद टैबलेट डिप्रेशन के लिए थी। कोर्ट ने कहा कि बरामदगी बेशक व्यावसायिक श्रेणी में नहीं आती, इसके बावजूद जमानत नामंजूर की जा सकती है, अगर अपराध गंभीर हों और जांच अधूरी हो। यह भी साफ किया कि चालान फाइल होने, एफएसएल रिपोर्ट मिलने या हालात में कोई और बड़ा बदलाव होने पर आरोपी दोबारा आवेदन कर सकता है। जेएनएफ
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स्पेशल जज विनोद कुमार ने राजोरी (हालिया निवासी अहमदनगर, श्रीनगर) के मोहम्मद इरफान कसाना की अर्जी पर यह फैसला दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 मई को अहमद नगर थाने की टीम ने सहआरोपी वसीम अहमद पर्रे को पकड़कर प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया था। अभियोजन के अनुसार वसीम आरोपी से नशा खरीदता था और स्कूटर पर मौके पर पहुंचा था। आरोप है कि उससे टैबलेट और निशानदेही पर कैनेबिस पाउडर (भांग) जैसा पदार्थ और टैबलेट मिले।
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आरोपी के वकील ने आवेदक के मजदूर होने और उसे झूठा फंसाने की दलील दी। कहा कि बरामद टैबलेट डिप्रेशन के लिए थी। कोर्ट ने कहा कि बरामदगी बेशक व्यावसायिक श्रेणी में नहीं आती, इसके बावजूद जमानत नामंजूर की जा सकती है, अगर अपराध गंभीर हों और जांच अधूरी हो। यह भी साफ किया कि चालान फाइल होने, एफएसएल रिपोर्ट मिलने या हालात में कोई और बड़ा बदलाव होने पर आरोपी दोबारा आवेदन कर सकता है। जेएनएफ
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