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द्रास सेक्टर में नौशेरा का जवान शहीद, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Sun, 08 Sep 2019 01:47 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 08 Sep 2019 01:47 AM IST
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शहीद जवान सुरेश कुमार का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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द्रास सेक्टर में जैकलाई बटालियन में तैनात जवान शहीद हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर इलाके में मातम छा गया। शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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नौशेरा तहसील के हंजाना निवासी हवलदार सुरेश कुमार (35) पुत्र विषण दास सेना की फर्स्ट जैकलाई बटालियन में तैनात थे। वह इन दिनों द्रास सेक्टर में ड्यूटी दे रहे थे। शुक्रवार सुबह गश्त के दौरान पैर फिसलने से वह खाई में जा गिरे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां मृत घोषित कर दिया गया। शहीद के बड़े भाई सूबेदार नरेंद्र कुमार भी जैकलाई सेंटर कश्मीर में तैनात हैं।
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घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों समेत इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार सुबह हवाई मार्ग से सुरेश कुमार का शव नौशेरा ब्रिगेड में पहुंचा। जहां सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सलामी दी। इसके बाद शव को मुख्य बाजार से होते हुए उसके पैतृक गांव हंजाना ले जाया गया। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
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उन्होंने भारत माता की जय और शहीद सुरेश कुमार अमर रहे के नारे लगाए। देर शाम गांव के श्मशान घाट पर भतीजे ने शव को मुखाग्नि दी। इस मौके पर सैन्य अधिकारी, एडीसीसी नौशेरा सुखदेव सिंह समयाल, एडिशनल एसपी गिरदारी लाल शर्मा, एसडीपीओ बृजेश शर्मा, चेयरमैन म्यूनिसिपल कमेटी नरेन्द्र शर्मा, इंद्र जीत सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
शव को भाई ने कंधा दिया तो रो पड़ा गांव
सुरेश के शव को जब उनके भाई सूबेदार नरेंद्र ने कंधा दिया तो पूरा गांव रो पड़ा। उन्होंने कहा कि यह गर्व कि बात है कि उनके भाई ने देश की खातिर जान दी। शहीद के पिता स्व. भीषण दास भी सेना की फस्ट जैकलाई में अपनी सेवा दे चुके हैं। सुरेश कुमार की दो बेटियां हैं। इसमें एक दो वर्ष तथा दूसरी बेटी मानवी हीर तीसरी कक्षा में पढ़ रही है। सुरेश कुमार के एक भाई की दो महीने ही मौत हुई है। मां राजकुमारी पर एक बार फिर से दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
गर्भवती पत्नी की तबीयत बिगड़ी
पति के शहीद होने की सूचना मिलते ही गर्भवती पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। सैन्य व सिविल चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच की।