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Jammu News: मौत से झुम्मन डरा ऐसा, परिवार को भूल करने लगा पैसा-पैसा
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संडे नाटक सीरीज में नटरंग ने शौकत थानवी द्वारा लिखित झूटा ख्वाब नाटक का मंचन किया
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। संडे नाटक सीरीज में नटरंग द्वारा शौकत थानवी द्वारा लिखित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित उर्दू के हास्य नाटक झूठा ख्वाब का मंचन किया। अच्छी तरह से परिकल्पित नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा।
नाटक की शुरुआत में दिखाया गया कि झुम्मन मियां बुरे सपने से जागने के बाद चिल्लाते और डर से कांपते हैं। उनके सपने में उनके पिता और दादा ने मुलाकात की और भविष्यवाणी कर दी कि उसी दिन सुबह चार बजे उसकी मौत हो जाएगी। झुम्मन अपनी मौत की भविष्यवाणी को सच मानते हैं, क्योंकि उनके अनुसार पिता और दादा कभी झूठ नहीं बोलेंगे। जब घड़ी देखता है तो एहसास होता है कि उसके पास केवल दो घंटे बचे हैं। इस बीच वह घर पर मौजूद सभी को सदस्यों को बुलाता है और अपने सपने के बारे में बताता है। खुद मौत और परिवार की चिंता की बजाय वह पैसे से जुड़े मामलों को निपटाने में अधिक चिंतित होता है। समय बर्बाद न कर पत्नी को अपने सभी वित्तीय लेन-देन के बारे में बताता है। कितने लोगों से पैसा वसूलना है। पत्नी को उन लोगों से पैसा भी वसूलने को कहता है। इस पर पत्नी जवाब देती है कि अगर वह उसके साथ नहीं है तो पैसे इकट्ठा करने का क्या लाभ। मैं प्रार्थना करती हूं कि यह सपना सच न हो। इस सारी चर्चा के बीच चार बजते हैं और झुम्मन को लगता है कि वह मर चुका है और सोने चला जाता है। सदमे और दुख में पत्नी रोने लगती है। पड़ोसी उसकी असामयिक मौत पर शोक जताने पहुंच जाते हैं। कुछ देर बाद झुम्मन को महसूस होता है कि वह मरा नहीं है। उसने एक झूठा सपना देखा था। नाटक में मिहिर गुजराल, सान्वी आनंद, आदेश धर, अभिमन्यु चौधरी, शेरयार सलारिया और सुशाने डुल्लू ने अभिनय किया है।
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जम्मू। संडे नाटक सीरीज में नटरंग द्वारा शौकत थानवी द्वारा लिखित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित उर्दू के हास्य नाटक झूठा ख्वाब का मंचन किया। अच्छी तरह से परिकल्पित नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा।
नाटक की शुरुआत में दिखाया गया कि झुम्मन मियां बुरे सपने से जागने के बाद चिल्लाते और डर से कांपते हैं। उनके सपने में उनके पिता और दादा ने मुलाकात की और भविष्यवाणी कर दी कि उसी दिन सुबह चार बजे उसकी मौत हो जाएगी। झुम्मन अपनी मौत की भविष्यवाणी को सच मानते हैं, क्योंकि उनके अनुसार पिता और दादा कभी झूठ नहीं बोलेंगे। जब घड़ी देखता है तो एहसास होता है कि उसके पास केवल दो घंटे बचे हैं। इस बीच वह घर पर मौजूद सभी को सदस्यों को बुलाता है और अपने सपने के बारे में बताता है। खुद मौत और परिवार की चिंता की बजाय वह पैसे से जुड़े मामलों को निपटाने में अधिक चिंतित होता है। समय बर्बाद न कर पत्नी को अपने सभी वित्तीय लेन-देन के बारे में बताता है। कितने लोगों से पैसा वसूलना है। पत्नी को उन लोगों से पैसा भी वसूलने को कहता है। इस पर पत्नी जवाब देती है कि अगर वह उसके साथ नहीं है तो पैसे इकट्ठा करने का क्या लाभ। मैं प्रार्थना करती हूं कि यह सपना सच न हो। इस सारी चर्चा के बीच चार बजते हैं और झुम्मन को लगता है कि वह मर चुका है और सोने चला जाता है। सदमे और दुख में पत्नी रोने लगती है। पड़ोसी उसकी असामयिक मौत पर शोक जताने पहुंच जाते हैं। कुछ देर बाद झुम्मन को महसूस होता है कि वह मरा नहीं है। उसने एक झूठा सपना देखा था। नाटक में मिहिर गुजराल, सान्वी आनंद, आदेश धर, अभिमन्यु चौधरी, शेरयार सलारिया और सुशाने डुल्लू ने अभिनय किया है।
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