National Dengue Day: मानसून की दस्तक पर कोरोना के साथ डेंगू का भी रहेगा खतरा, इन बातों का रखें ध्यान
मानसून की दस्तक पर करोना के साथ डेंगू का खतरा भी रहेगा। 2019 में जम्मू संभाग में डेगू के 200 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। बरसात के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में एहतियात बरतने की जरूरत होती है।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में मानसून की दस्तक पर करोना के साथ डेंगू का खतरा भी रहेगा। पूर्व में जम्मू संभाग के कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, पुंछ, किश्तवाड़, राजोरी, डोडा जिले डेंगू से ज्यादा प्रभावित होते रहे हैं। इन जिलों में डेंगू कई लोगों की जान भी ले चुका है। 2019 में जम्मू संभाग में डेगू के 200 पॉजिटिव मामले सामने आए थे। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई थी। अब तापमान में उछाल के साथ मच्छर भी बढ़ने शुरू हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में अमूमन जून के आखिर या जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून दस्तक देता है। बरसात के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इस साल कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते तपिश उतनी बढ़ी नहीं है और निरंतर बारिश हो रही है। इससे भी मच्छरों को पनपने में मदद मिल रही है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है।
गर्मियों में कूलर और ठहरे पानी में डेंगू के मच्छर पनपने का खतरा रहता है। चूंकि कोरोना से अगले कई महीनों तक मुक्ति मिलती नजर नहीं आ रही है तो बरसात में जीएमसी की माइक्रोबायोलॉजी लैब पर कोरोना के साथ डेंगू के सैंपल का भी लोड बढ़ेगा। संभाग में डेंगू का असर अक्तूबर के आखिर या उससे आगे तक रहता है।
इस बीमारी में एहतियात बरतने की जरूरत
मानव शरीर में सामान्य तौर पर प्लेटलेट्स ढाई और पौने दो लाख तक होते हैं, लेकिन डेंगू के डंक से यह मात्रा चालीस हजार से नीचे तक आ जाते हैं, जिससे कई बार पीड़ित की जान चली जाती है। डेंगू की पुष्टि एलिजा, आईजीएम टेस्ट से होती है। इस बीमारी में एहतियात बरतने की जरूरत होती है।
लक्षण
1. हाई ग्रेड बुखार 101-104 तक रहेगा
2. शरीर में तेज दर्द होना
3. बुखार के साथ उल्टी होना
4.भूख कम लगना